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Chandigarh News: सरकारी जमीन पर कब्जा, नशे-अपराध से जुड़े 13 आरोपियों के मकान भी ध्वस्त

Mon, 28 Sep 2026 02:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 02:33 AM IST
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Houses of 13 accused individuals involved in encroachment on government land and linked to drugs and crime have also been demolished.
चंडीगढ़। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और नशे-अपराध से जुड़ी गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस ने रविवार को रामदरबार फेज-1 और फेज-2 की कच्ची कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई की। करीब 35 साल पुरानी इस कॉलोनी में जेसीबी से 40 झुग्गियां और 15 मकान ध्वस्त किए गए। पुलिस की ओर से प्रशासन को सौंपी गई सूची में शामिल आपराधिक मामलों के आरोपियों से जुड़े 13 मकान भी कार्रवाई के दायरे में आए। इनमें एनडीपीएस एक्ट, हत्या, हत्या के प्रयास, स्नैचिंग समेत अन्य मामलों के आरोपी बताए गए हैं।
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प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि कच्ची कॉलोनी में बने ये मकान और झुग्गियां सरकारी जमीन पर थीं। सरकारी जमीन खाली कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर अभियान चलाया गया। कार्रवाई शुरू होने से पहले बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए गए। प्रशासन की टीम सुबह करीब सात बजे मौके पर पहुंच गई थी। अभियान से एक दिन पहले लोगों को नोटिस दिए जाने की बात भी अधिकारी ने कही।
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पुलिस ने दी थी आरोपियों की सूची
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की विशेष सूची प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी थी। अधिकारियों के अनुसार, सूची में शामिल जिन लोगों के मकान अतिक्रमण हटाने के दायरे में आए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक ध्वस्त 15 मकानों में 13 मकान आपराधिक मामलों में आरोपियों से जुड़े थे। इनमें एनडीपीएस एक्ट के आरोपी वंश मडिवाल, दीपक उर्फ डिस्कवरी और सूरज उर्फ गंजा के मकान भी शामिल बताए गए हैं। इनके खिलाफ नशे से संबंधित मामले दर्ज हैं।
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रास्ता बैरिकेड कर भारी पुलिस बल तैनात
कार्रवाई के दौरान कच्ची कॉलोनी की ओर जाने वाला रास्ता बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया था। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और महिला कांस्टेबल तैनात रहीं। नगर निगम, चंडीगढ़ और एस्टेट ऑफिस की प्रवर्तन टीमों के साथ श्रमिक, जेसीबी और अन्य मशीनरी मौके पर लगाई गई। उपमंडल मजिस्ट्रेट और कार्यकारी मजिस्ट्रेट अभियान की निगरानी करते रहे। आपात स्थिति के लिए दमकल वाहन, चिकित्सा दल और दो एंबुलेंस भी तैनात रहीं। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भी प्रशासन और प्रवर्तन टीम की मदद की। पूरी कार्रवाई की आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए वीडियोग्राफी कराई गई।

लोग बोले- सामान निकालने का मौका नहीं मिला
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया। संजय ने आरोप लगाया कि टीम सुबह अचानक पहुंची और मकान गिराने शुरू कर दिए। उनका कहना था कि उन्हें सामान बाहर निकालने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। उन्होंने बताया कि गीजर, पंखा और घर का अन्य सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। भारत ने भी मकान गिराने से पहले पर्याप्त नोटिस और समय दिए जाने की मांग की। सनी ने आरोप लगाया कि उनके साथ नाजायज हुआ। कार्रवाई के दौरान कई लोग अपने मकानों को गिरते देखकर रो पड़े। संजय ने बताया कि उन्होंने दो बार टीम से सामान निकालने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें पीछे कर दिया गया। बाद में प्रभावित लोग अपने टूटे मकानों के सामने चारपाई डालकर बैठ गए।

अधिकारियों ने क्या कहा-
जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जों और अवैध निर्माण के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। एसडीपीओ साउथ गुरजीत कौर ने बताया कि रामदरबार में जिस कॉलोनी को हटाया गया, वहां आपराधिक प्रवृत्ति के 13 लोगों की सूची प्रशासन को दी गई थी। इसमें एनडीपीएस, हत्या, हत्या के प्रयास, स्नैचिंग और अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्त आरोपियों के नाम शामिल थे।
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