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पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, हनीप्रीत का लैपटॉप-मोबाइल और डायरी बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:25 AM IST
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honeypreet
- फोटो : File Photo
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25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा और आगजनी की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने की प्लानिंग में इस्तेमाल हनीप्रीत की डायरी, लैपटॉप और मोबाइल को पुलिस ने सिरसा स्थित डेरे से वीरवार को बरामद कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक हिंसा वाले दिन साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तमाम रास्तों के नक्शे, हनीप्रीत की उस दौरान हुई बातचीत और डायरी में डेरा से होने वाले तमाम आर्थिक लेन देन सहित डेरा प्रमुख के साथ नजदीकियों के बारे में भी इससे खुलासा होगा। अब तक हनीप्रीत और विपासना इसलिए आमने सामने पूछताछ के लिए नहीं हो रही थी, क्योंकि इस साजिश का खुलासा न हो सके।
बुधवार को एसआईटी ने बठिंडा, गुरसर मोड़िया सहित पंजाब और राजस्थान में छापेमारी की थी। इस दौरान हनीप्रीत से हुई गहन पूछताछ में उसने हिंसा की साजिश में मोबाइल, लैपटॉप और डायरी के बारे में उसने पुलिस को सिरसा के डेरे में होने की बात कही थी। एसआईटी ने सिरसा पहुंचकर तमाम पहलुओं को खंगाला, जिसमें डेरा प्रमुख की राजदार हनीप्रीत के तमाम राज कैद हैं। हनीप्रीत की रिमांड तीन दिन के लिए बढ़ाए जाने के बाद से पुलिस लगातार हनीप्रीत और हिंसा की साजिश से जुड़े तमाम सुबूतों को खंगाल रही थी, क्योंकि शुक्रवार को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाना है।
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सूत्रों के मुताबिक हिंसा वाले दिन साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तमाम रास्तों के नक्शे, हनीप्रीत की उस दौरान हुई बातचीत और डायरी में डेरा से होने वाले तमाम आर्थिक लेन देन सहित डेरा प्रमुख के साथ नजदीकियों के बारे में भी इससे खुलासा होगा। अब तक हनीप्रीत और विपासना इसलिए आमने सामने पूछताछ के लिए नहीं हो रही थी, क्योंकि इस साजिश का खुलासा न हो सके।
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बुधवार को एसआईटी ने बठिंडा, गुरसर मोड़िया सहित पंजाब और राजस्थान में छापेमारी की थी। इस दौरान हनीप्रीत से हुई गहन पूछताछ में उसने हिंसा की साजिश में मोबाइल, लैपटॉप और डायरी के बारे में उसने पुलिस को सिरसा के डेरे में होने की बात कही थी। एसआईटी ने सिरसा पहुंचकर तमाम पहलुओं को खंगाला, जिसमें डेरा प्रमुख की राजदार हनीप्रीत के तमाम राज कैद हैं। हनीप्रीत की रिमांड तीन दिन के लिए बढ़ाए जाने के बाद से पुलिस लगातार हनीप्रीत और हिंसा की साजिश से जुड़े तमाम सुबूतों को खंगाल रही थी, क्योंकि शुक्रवार को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाना है।
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Honeypreet Insan Arrest
- फोटो : File Photo
लैपटॉप की बरामदगी से पंचकूला में हिंसा से जुड़े तमाम सुबूतों का मिलान किया जाएगा जबकि मोबाइल फोन से हुई तमाम बातचीत और मैसेज के जरिये पुलिस इस मामले में फरार अन्य आरोपियों तक पहुंचेगी। डायरी में हनीप्रीत ने देश के अहम लोगों के नंबर, करोड़ों के लेन देन की जानकारी सहित कई ऐसी बातें लिखी हैं, जिससे डेरा की तमाम गतिविधियों का खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है। गुरसर मोड़िया में हनीप्रीत से हुई लंबी पूछताछ ने लैपटॉप-मोबाइल सहित उसके फरार रहने के दौरान डेरा के किन-किन नजदीकियों से संपर्क रहे, इस बारे में भी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
कुल नौ दिनों के रिमांड के दौरान पुलिस ने हनप्रीत से सैकड़ों सवाल किए, जिनके जवाब भी मिले। शुरुआती दौर से स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की हनीप्रीत ने गुुमराह करने वाले बयान दिए थे, लेकिन बाद में उसने हिंसा की साजिश में खुद के शामिल होने की बात पूछताछ में कबूल की। इस दौरान कई ऐसी जानकारियां दी, जिसे सही मानकर पुलिस ने आगे कार्रवाई भी की। हिंसा से जुड़ी वीडियो, इंटरनेशनल कॉल्स और 25 अगस्त के आसपास हनीप्रीत ने किन किन लोगों से संपर्क किया, इस बारे में तमाम जानकारियां हासिल होंगी। जिस नक्शे के जरिये डेरा समर्थकों को पंचकूला के ठिकानों के बारे में जानकारी दी गई और डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश का प्लान है, पुलिस उसे भी बरामद करने में जुटी हुई है।
लैपटॉप-मोबाइल और इंटरनेशनल सिम की बरामदगी के अलावा डेरा के उन करीबियों तक पहुंचना भी जरूरी है जो लगातार हनीप्रीत के संपर्क में थे। अब तक विपासना और हनीप्रीत से आमने सामने पूछताछ नहीं हो सकी है। ऐसे में पुलिस के लिए सुराग के आधार पर डेरा से बरामदगी को लेकर मुश्किलें बढ़ती गई। अगर विपासना पंचकूला नहीं आती तो हनीप्रीत को सिरसा ले जाकर निशानदेही की संभावना भी खत्म हो गई थी। हालांकि देर रात तक इस बारे में किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की।
कुल नौ दिनों के रिमांड के दौरान पुलिस ने हनप्रीत से सैकड़ों सवाल किए, जिनके जवाब भी मिले। शुरुआती दौर से स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की हनीप्रीत ने गुुमराह करने वाले बयान दिए थे, लेकिन बाद में उसने हिंसा की साजिश में खुद के शामिल होने की बात पूछताछ में कबूल की। इस दौरान कई ऐसी जानकारियां दी, जिसे सही मानकर पुलिस ने आगे कार्रवाई भी की। हिंसा से जुड़ी वीडियो, इंटरनेशनल कॉल्स और 25 अगस्त के आसपास हनीप्रीत ने किन किन लोगों से संपर्क किया, इस बारे में तमाम जानकारियां हासिल होंगी। जिस नक्शे के जरिये डेरा समर्थकों को पंचकूला के ठिकानों के बारे में जानकारी दी गई और डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश का प्लान है, पुलिस उसे भी बरामद करने में जुटी हुई है।
लैपटॉप-मोबाइल और इंटरनेशनल सिम की बरामदगी के अलावा डेरा के उन करीबियों तक पहुंचना भी जरूरी है जो लगातार हनीप्रीत के संपर्क में थे। अब तक विपासना और हनीप्रीत से आमने सामने पूछताछ नहीं हो सकी है। ऐसे में पुलिस के लिए सुराग के आधार पर डेरा से बरामदगी को लेकर मुश्किलें बढ़ती गई। अगर विपासना पंचकूला नहीं आती तो हनीप्रीत को सिरसा ले जाकर निशानदेही की संभावना भी खत्म हो गई थी। हालांकि देर रात तक इस बारे में किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की।