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Hindi News ›   Chandigarh ›   Home Minister Anil Vij Order to provide Haryana Assembly Elections 2019 CID Report

गृह मंत्री अनिल विज ने मांगी हरियाणा विधानसभा चुनाव की सीआईडी रिपोर्ट, स्पष्टीकरण भी मांगा

Wed, 01 Jan 2020 02:46 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 01 Jan 2020 02:46 PM IST
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Home Minister Anil Vij Order to provide Haryana Assembly Elections 2019 CID Report
फाइल फोटो
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सीआईडी प्रमुख अनिल राव से विधानसभा चुनाव के दौरान तैयार की गई सीआईडी की रिपोर्ट मांगी है। दस दिन के भीतर यह रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। सीआईडी प्रमुख ने बीस दिन बीत जाने के बाद भी जब रिपोर्ट नहीं सौंपी तो विज ने इस बावत स्पष्टीकरण मांग लिया है। विज के इस कदम के बाद से सीआईडी में हड़कंप है।
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मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के संज्ञान में लाया गया है। सीआईडी और विज की इस खींचतान में किसकी गर्दन फंसेगी यह देखने वाला होगा। फिलहाल सीआईडी इस विवाद से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही है। हरियाणा में नई सरकार का गठन होते ही सरकार में होम मिनिस्टर के तौर पर अनिल विज की भूमिका तय कर दी गई थी। अब होम मिनिस्टर होने के नाते सीआईडी की रिपोर्टिंग भी विज को बनती है। ऐसे में यह रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने से विज नाराज हैं।
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सूत्रों के मुताबिक अनिल विज को यह जानकारी मिली थी कि सीआईडी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका को सही ढंग से नहीं निभाया। इस भूमिका की जांच के लिए विज ने रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन अब यह रिपोर्ट सौंपने में आना कानी करने के कारण क्या हैं। यह सीआईडी प्रमुख द्वारा स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद पता चलेगा।
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सीआईडी का होता है अहम रोल

हरियाणा में सरकार चलाने में सीआईडी की क्या भूमिका होती है। यह सूबे के सियासतदानों को भी भली भांति पता है। सीआईडी प्रमुख रोजाना शाम को चंडीगढ़ या दिल्ली में जहां भी सीएम होते हैं। अपनी रिपोर्ट सरकार को देता है। जिसमें कई गोपनीय रिपोर्ट शामिल होती हैं। इस रिपोर्ट में हरियाणा की राजनीति से जुड़ी गुप्त सूचनाएं भी होती हैं। जो सूबे के मुखिया तक पहुंचाना जरूरी होता है।

हरियाणा में गृह मंत्री होने के नाते सीआईडी की रिपोर्टिंग अनिल विज को बनती है। पहले यह रिपोर्टिंग सीएम के पास होती थी, क्योंकि गृह विभाग सीएम के पास ही होता था। होम मिनिस्ट्री विज के पास आने के बाद से अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि विज के पास क्या-क्या जानकारी पहुंचती है।

आईपीएस ट्रांसफर को लेकर पहले ही ठन चुकी है
गृह मंत्री अनिल विज आईपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर सूची को लेकर पहले ही अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा है कि वे सूची जारी करने से पहले उनसे राय नहीं ली गई। यह विरोध पहली बार नहीं है। पिछली सरकार में भी इस तरह का विरोध अनिल विज करते रहे हैं।

तबादला सूची पर हो सकता है निपटारा

आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची पर गृह मंत्री अनिल जिव और मुख्यमंत्री के बीच बातचीत से निपटारा हो सकता है। तबादला सूची रद करने संबंधी पत्र लिखने के बाद सीएम मनोहरलाल ने अनिल विज से बातचीत की है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने गृह मंत्री को आश्वस्त किया  है कि इस बात का समाधान हो जाएगा। हालांकि विज अभी भी अपनी बात पर कायम है। उनका कहना है कि तबादलों को लेकर फाइल जिस चैनल से आगे बढ़ती है। उसे फालो किया जाना आवश्यक है।

एक ही गाड़ी में गए विज और सीएम
सियासी खींचतान के निपटारे के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल और अनिल विज सीएम हाउस से एक ही गाड़ी में शाम को बाहर निकले। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के घर पर आयोजित सुंदरकांड के पाठ में भी दोनों नेता शामिल हुए। इस दौरान गाड़ी में भी अहम बातचीत हुई।

अफसरशाही के साथ मनोहर ने किया लंच
नव वर्ष पर मंत्री विधायकों और अफसरों के साथ सीएम हाउस पर लंच का आयोजन किया गया। दोपहर के समय खिली हुई धूप में अधिकारियों और नेताओं ने लंच किया।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने नई सरकार के काम काज के बारे में सभी से चर्चा की। नए विधायकों ने फील्ड की गतिविधियों पर भी चर्चा की।
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