फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Home Minister Anil Vij May Implement Prakash Singh Committee Report

हरियाणाः प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट लागू कर सकते हैं गृह मंत्री अनिल विज, स्पष्ट किए इरादे

Wed, 01 Jan 2020 02:26 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 01 Jan 2020 02:26 PM IST
विज्ञापन
Home Minister Anil Vij May Implement Prakash Singh Committee Report
मनोहर लाल खट्टर, अनिल विज
हरियाणा सरकार द्वारा ठुकराई पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के अच्छे सुझाव आने वाले समय में लागू हो सकते हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने कमेटी के अच्छे सुझावों को लागू करने के संकेत दिए हैं। इसके पहले वह रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे। रिपोर्ट व विभाग में इसकी वस्तुस्थिति व प्रासंगिकता को जाना जाएगा।
विज्ञापन


विज ने कहा है कि प्रकाश सिंह आयोग कमेटी की रिपोर्ट को लेकर विभाग में इसकी स्थिति का पता लगाएंगे। 2016 में हुए जाट आंदोलन के दौरान हिंसा में प्रशासनिक भूमिका जांचने को लेकर सरकार ने कमेटी गठित की थी। अध्ययन कर अच्छे सुझावों को लागू करने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन


कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस निरंकुश बनी रही और सूबे के आठ जिले जल रहे थे। पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को नौकरियां देने में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद व सिफारिश का आरोप लगाते हुए सैकड़ों अधिकारियों को हालात से निपटने के लिए अक्षम करार दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने ट्रेनिंग में त्रुटियों को पुलिस की मौजूदा कार्यप्रणाली के लिए जिम्मेदार ठहराया है।उन्होंने रिपोर्ट में कहा है कि भर्ती के वक्त मानकों का पालन नहीं किए जाने की वजह से ही ऐसी स्थिति पैदा हुई। कुछ थाना प्रभारियों का जिक्र करते हुए प्रकाश सिंह ने रिपोर्ट में कहा है कि अगर वे थाने को सुरक्षित नहीं रख सकते हैं तो उनसे आम लोगों की सुरक्षा की कैसे उम्मीद की जा सकती है।

रिपोर्ट की महत्वपूर्ण बातें

- जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक धू-धू कर जल रहा था और अधिकारी इस आग में लापरवाही का घी डाल रहे थे
- अफसरों को डर था कि उन्होंने सख्त कार्रवाई की तो नौकरी जा सकती है।
- आरक्षण हिंसा में अधिकारियों की भूमिका की जांच करने वाली प्रकाश सिंह कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में रोहतक के 30 अफसरों की नाकामी को उपद्रव के लिए जिम्मेदार माना है।
- कमेटी ने आरक्षण के दौरान हरियाणा के विभिन्न शहरों में आगजनी, लूट और हिंसा के लिए प्रदेश के कुल 90 अफसरों की लापरवाही को जिम्मेदार माना है। इनमें आईएएस, आईपीएस, उपायुक्त, एसपी, एडीसी, एसडीएम, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और एसआई इंचार्ज स्तर के अधिकारी हैं।
- 2 मार्च 2016 से कमेटी ने काम करना शुरू किया। रिपोर्ट तैयार करने में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के साथ आईपीएस केपी सिंह, वरिष्ठ आईएएस विजय वर्द्धन ने भी सहयोग किया।
- कमेटी ने हरियाणा के उपद्रव प्रभावित आठ जिलों का दौरा किया। इनमें रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद, कैथल, हिसार, भिवानी और पानीपत का दौरा कर हालात का जायजा लिया था।
- कमेटी ने आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर की गई जांच में 90 गैर-जिम्मेदार पुलिस व अन्य अफसरों के नाम सरकार को सौंपे हैं। दूसरी ओर, कमेटी ने पुलिस अफसरों का पक्ष लेते हुए बचाव भी किया है।
- ऐसे पुलिस अफसरों के बारे में तीखी टिप्पणी भी  की गई है, जिन्होंने पूछताछ में उन्हें बताया था कि उन्हें कार्रवाई करने के लिए ऊपर से आदेश नहीं थे।
- पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा के पीछे कोई राजनीतिक साजिश होने से इनकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed