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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा: मादक पदार्थों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति, दिख रहे परिणाम, हितधारकों से हो रही चर्चा

Sat, 30 Jul 2022 10:25 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़। Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 30 Jul 2022 10:25 PM IST
सार

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र के उद्देश्य को हासिल करने के लिए इस अभिशाप को समाप्त करना आवश्यक है। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है क्योंकि नशीले पदार्थों के व्यापार से उत्पन्न होने वाली काली कमाई का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में किया जाता है। 

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Home Minister Amit Shah said Zero tolerance policy on drugs
‘नशीले पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा’ पर एनसीबी की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों के प्रति केंद्र की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति परिणाम दिखा रही है। सीमावर्ती राज्य पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या अधिक है, का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। 

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गृहमंत्री ने कहा, सरकार कानूनों को और सख्त बनाने के लिए सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रही है और मादक पदार्थ विरोधी प्रयासों में राज्यों के साथ जुड़ने के लिए सक्रिय रुख अपनाया है। शाह ने कहा, 2006-2013 के बीच 1.52 लाख किलो ड्रग्स जब्त किए गए। जबकि 2014-2021 के बीच 3.3 लाख किलो ड्रग्स बरामद हुआ। उन्होंने कहा, 2006-2013 के बीच 768 करोड़ के ड्रग्स जब्त किए गए। वहीं, 2014-21 के बीच 20,000 करोड़ के ड्रग्स जब्त किए गए। इस मामले में बरामदगी और गिरफ्तारी में 260 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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Home Minister Amit Shah said Zero tolerance policy on drugs
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला

अमृतसर में फोरेंसिक लैब और एनसीबी केंद्र स्थापित करने की योजना 
‘नशीले पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा’ पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए शाह ने कहा, हर कोई कहता है कि पंजाब में नशीली दवाओं की समस्या अधिक है, जो एक सीमावर्ती राज्य है। इसलिए हमें और प्रयास करने होंगे। हमें पंजाब के युवाओं को नशे के खतरे से बाहर निकालना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, यदि राज्य सरकार जमीन आवंटित करती है तो केंद्र अमृतसर में एक फोरेंसिक लैब और प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए एनसीबी का एक छोटा केंद्र स्थापित करेगा। 

शाह ने कहा, जब नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने, तो भारत सरकार ने मादक पदार्थों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई। उन्होंने कहा, मादक पदार्थ युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और इसे दीमक की तरह नुकसान पहुंचाते हैं। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार इस संकट को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एनसीबी ने 31000 किलो ड्रग्स किया नष्ट
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी और कोलकाता की टीम ने केंद्रीय मंत्री की ऑनलाइन मौजूदगी में इस दौरान 31000 किलो ड्रग्स नष्ट किए। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजादी के अमृत महोत्सव के आह्वान पर गृहमंत्री शाह के नेतृत्व मे एनसीबी ने आजादी के 75वें वर्ष पर 75,000 किलो ग्राम ड्रग्स नष्ट करने का संकल्प लिया था। एक जून, 2022 से एनसीबी द्वारा शुरू अभियान में 29 जुलाई तक 11 अलग-अलग राज्यों में कुल 51,217 किलोग्राम ड्रग्स नष्ट किया जा चुका है। 

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पंजाब और दिल्ली के साथ लगते जिलों में नशा एक बड़ी समस्या : मनोहर लाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा, हरियाणा में दूसरे राज्यों से ड्रग्स की खेप आती है। नशे के खिलाफ हमने कई कदम उठाए हैं। हर महीने एनडीपीसी एक्ट में 200 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए। पिछले एक साल में अब तक 2661 आरोपी गिरफ्तार किए। जून 2022 तक 253 ड्रग तस्करों से करीब 32 करोड़ की काली कमाई जब्त की गई। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री से आग्रह किया कि ठोस रणनीति के साथ नशा तस्करों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने बैठक में कुछ सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित दवाओं, जिनका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है उनको ट्रैक करने के लिए केंद्र सरकार यूनिक सीरियल नंबर अंकित करे और दवा की पैकिंग पर बार कोड और ये नंबर अंकित हो, जिससे दवा को ट्रेस किया जा सके।

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