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होली विशेष: रंग लगाना है तो कोड़े खाने पड़ेंगे
बलवान करिवाल/ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Mar 2015 01:32 AM IST
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होली पर देवर-भाभी की ठिठोली आम है, लेकिन बात अगर हरियाणा की करें तो यहां कुछ अलग अंदाज में ही ठिठोली होती है।
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आपने अमूमन युवाओं की टोलियों को ही गलियों में मस्ती करते देखा-सुना होगा, लेकिन हरियाणा में इस दिन हर गली में महिलाओं की दबंगई चलती है। होली के दिन महिलाओं की टोलियां गलियों में निकलती हैं तो अच्छे-अच्छों को घर में दुबकना पड़ जाता है।
हाथों में रंगों की बजाए कपड़ों को ऐंठकर बनाए गए कोड़े होते हैं और इन कपड़ों के बीच में मोटी रस्सी का टुकड़ा भी लिपटा होता है, जिसकी चोट से गहरा नीला निशान पड़ जाता है।
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ऐसे में अगर महिलाओं की टोलियों में कोई फंस गया तो उनकी खैर नहीं। अगर भाभियों को रंग लगाना है तो कोड़े की चोट तो खानी पड़ेगी। यह कोई धक्केशाही नहीं, बल्कि देवरों के लिए तो यह नाक की बात होती है।
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भागने की बजाए उन्हें कुछ देर उनका सामना करना होता है। वह भी दर्द को जाहिर किए बिना...। होली तो बीत जाती है, लेकिन हफ्ते बाद भी पुरुषों को उन मीठी मार का अहसास होते रहता है। यही तो है हरियाणा की होली...।