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एचआईवी मरीज के टूटे टांके, डर के मारे अस्पताल स्टाफ पीछे हटा, तड़प-तड़पकर दम तोड़ा
Wed, 12 Feb 2020 12:32 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट ( पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट ( पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 12 Feb 2020 12:32 AM IST
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24 घंटे के लिए सील की गई सिविल अस्पताल की इमरजेंसी ओटी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट के सिविल अस्पताल में सोमवार को इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना हुई। अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव युवक की ड्रेसिंग उतारते समय टांके टूटने से खून का फव्वारा बह निकला। अस्पताल का स्टाफ उसका इलाज करने की जगह संक्रमण के डर से वहां से तुरंत हट गया। युवक ने वहीं तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
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जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के रहने वाले 28 वर्षीय युवक की जांघ का ऑपरेशन हुआ था। स्टाफ ने बताया कि वह 14 जनवरी से सिविल अस्पताल के मेल वार्ड में भर्ती था। सूत्रों के अनुसार युवक की ड्रेसिंग पहले मेन ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में ही की जाती थी लेकिन सोमवार को वह नीचे इमरजेंसी ओटी में आ गया। युवक के साथ उसके पिता थे।
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उसके पिता ने बताया कि जैसे ही उसके बेटे की ड्रेसिंग उतारी, खून का फव्वारा छूट पड़ा। देखते ही देखते ओटी में पड़ा टेबल और बेड खून से सन गया। इससे स्टाफ में हड़कंप मच गया। संक्रमण के डर से स्टाफ मरीज को छोड़ पीछे हट गया। वह लगभग 10 मिनट तक वहीं तड़पता रहा लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। उसके बेटे ने वहीं दम तोड़ दिया।
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जिस टेबल और बेड पर गिरा था खून, उसे जलाया
अस्पताल प्रशासन ने युवक की मौत के बाद ओटी में दवाओं का छिड़काव करवाया। इसके बाद वहां पड़े चादर, बेड, टेबल समेत अन्य सामान को देर रात ही जलाकर ओटी को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। सभी स्टाफ सदस्यों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही 72 घंटे के लिए उस एरिया में बच्चों की एंट्री बैन कर दी गई है।
युवक नशे का आदी था और सिरिंज एक्सचेंज से उसे एड्स हुआ था। सोमवार को ओटी में पहुंच उसने खुद अपनी पट्टी उतारनी चाही पर उसके घाव के टांके टूटने से खून बहने लगा। टीम ने काफी कोशिश की लेकिन युवक को बचा नहीं पाए। - डॉ. भूपिंद्र सिंह, एसएमओ