{"_id":"59ae44804f1c1b09088b4632","slug":"historical-ganjghar-will-change-in-govt-guest-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐतिहासिक जंजघर में अब नहीं गूंजेगी शहनाई, मिलेगी नई पहचान और काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐतिहासिक जंजघर में अब नहीं गूंजेगी शहनाई, मिलेगी नई पहचान और काम
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:00 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ का जंजघर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ स्थित ऐतिहासिक जंजघर में अब शहनाई नहीं गूंजेंगी, क्योंकि इसकी पहचान बदलने जा रही है और साथ ही इसे अब नया काम भी मिलेगा। हजारों शादियों के गवाह रहे शहर के सबसे पुराने जंजघर को नगर निगम ने सरकारी गेस्ट हाउस में तब्दील करने का फैसला ले लिया है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि रिहायशी इलाके में होने के कारण इससे रेजिडेंट्स को परेशानी होती थी। हालांकि इस फैसले से रेजिडेंट्स इत्तेफाक नहीं रखते।
दिक्कत यह भी है कि सेक्टर-23 में कोई कम्यूनिटी सेंटर भी नहीं है। ऐसे में लोगों को अपने कार्यक्रम और शादी- विवाह के लिए अन्य सेक्टरों का रुख करना होगा। बता दें कि इस जंजघर को हेरिटेज इमारत का भी दर्जा प्राप्त है। साल 1960 में इसका निर्माण हुआ था। जंजघर में शादियों और अन्य आयोजनों की काफी मांग रहती है। यहां कमरों के अलावा हॉल और ओपन स्पेस काफी ज्यादा है। हजारों शादियों का गवाह रह चुका है यह जंजघर।
प्राइम लोकेशन पर होने के कारण यहां पर लोग चंडीगढ़ के बाहर से भी शादियां करने आते हैं। सैकड़ों शहरवासी ऐसे भी हैं, जिनमें दो से तीन पीढ़ियों की शादी यहां हुई है। नगर निगम के अनुसार इस जंजघर के कारण रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों को शादियों के दिनों में काफी परेशानी होती है। डीजे बजने से उनके बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं। इसके साथ ही देर रात जब पुलिस आती है तो शादी के आयोजकों को शर्मिंदा होना पड़ता है।
विज्ञापन
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि लोगों की परेशानी देखते हुए इसे गेस्ट हाउस में बदलने का फैसला लिया गया है। एरिया के लोगों के लिए सेक्टर-24 में नया कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां पर 16 कमरे पहले से बने हैं, जिनमे से कुछ के साथ बाथरूम अटैच नहीं हैं। सरकारी गेस्ट हाउस बनने से नगर निगम को फायदा है। दूसरे राज्यों से आने वाले प्रतिनिधि मंडलों को होटल या यूटी गेस्ट हाउस में ठहराया जाता था अब इसकी जरूरत नहीं होगी।
डाइनिंग हॉल को मीटिंग के लिए इस्तेमाल कर लिया जाएगा। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि वास्तुकार विभाग ने सेक्टर-23 के जंजघर को गेस्ट हाउस में बदलने की मंजूरी दे दी है। जो बदलाव होने हैं, उसके डिजाइन तैयार हो रहे हैं। सेक्टर-23 की मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश महाजन का कहना है कि यह शहर का सबसे पुराना जंजघर है। नगर निगम को चाहिए था कि पहले किसी अन्य जगह पर कम्युनिटी सेंटर का निर्माण किया जाता उसके बाद जंजघर को गेस्ट हाउस में तबदील किया जाता।
विज्ञापन
दिक्कत यह भी है कि सेक्टर-23 में कोई कम्यूनिटी सेंटर भी नहीं है। ऐसे में लोगों को अपने कार्यक्रम और शादी- विवाह के लिए अन्य सेक्टरों का रुख करना होगा। बता दें कि इस जंजघर को हेरिटेज इमारत का भी दर्जा प्राप्त है। साल 1960 में इसका निर्माण हुआ था। जंजघर में शादियों और अन्य आयोजनों की काफी मांग रहती है। यहां कमरों के अलावा हॉल और ओपन स्पेस काफी ज्यादा है। हजारों शादियों का गवाह रह चुका है यह जंजघर।
विज्ञापन
प्राइम लोकेशन पर होने के कारण यहां पर लोग चंडीगढ़ के बाहर से भी शादियां करने आते हैं। सैकड़ों शहरवासी ऐसे भी हैं, जिनमें दो से तीन पीढ़ियों की शादी यहां हुई है। नगर निगम के अनुसार इस जंजघर के कारण रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों को शादियों के दिनों में काफी परेशानी होती है। डीजे बजने से उनके बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं। इसके साथ ही देर रात जब पुलिस आती है तो शादी के आयोजकों को शर्मिंदा होना पड़ता है।
विज्ञापन
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि लोगों की परेशानी देखते हुए इसे गेस्ट हाउस में बदलने का फैसला लिया गया है। एरिया के लोगों के लिए सेक्टर-24 में नया कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां पर 16 कमरे पहले से बने हैं, जिनमे से कुछ के साथ बाथरूम अटैच नहीं हैं। सरकारी गेस्ट हाउस बनने से नगर निगम को फायदा है। दूसरे राज्यों से आने वाले प्रतिनिधि मंडलों को होटल या यूटी गेस्ट हाउस में ठहराया जाता था अब इसकी जरूरत नहीं होगी।
डाइनिंग हॉल को मीटिंग के लिए इस्तेमाल कर लिया जाएगा। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि वास्तुकार विभाग ने सेक्टर-23 के जंजघर को गेस्ट हाउस में बदलने की मंजूरी दे दी है। जो बदलाव होने हैं, उसके डिजाइन तैयार हो रहे हैं। सेक्टर-23 की मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश महाजन का कहना है कि यह शहर का सबसे पुराना जंजघर है। नगर निगम को चाहिए था कि पहले किसी अन्य जगह पर कम्युनिटी सेंटर का निर्माण किया जाता उसके बाद जंजघर को गेस्ट हाउस में तबदील किया जाता।