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CM उम्मीदवार धूमल को हराने वाले राणा का चंडीगढ़ से गहरा नाता, जानिए कैसे?
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Dec 2017 09:59 AM IST
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धूमल को हराने वाले राणा
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हिमाचल विधानसभा चुनाव में भाजपा के सीएम उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल को हराने वाले कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र राणा का चंडीगढ़ से गहरा नाता है। राजेंद्र राणा की सेक्टर-33 में अपनी कोठी है। राणा ने चंडीगढ़ में रहकर बिजनेस भी किया है। चंडीगढ़ के सेक्टर-18 में उनका एक जिम भी है जबकि उनके बेटे ने पंजाब विश्वविद्यालय से ही लॉ की पढ़ाई पूरी की है। सुजानपुर के लोगों के साथ वह हमेशा ही जुड़े रहते हैं।
बता दें कि चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के करीब एक लाख लोग निवास करते हैं। राजेंद्र राणा के करीबी दोस्त जसवंत राणा के अनुसार चार साल पहले ही वह परिवार सहित विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर में स्थायी तौर पर परिवार के साथ रहने लगे हैं जबकि इससे पहले राजेंद्र राणा सेक्टर-33 में अपने परिवार के साथ रहते थे। अब भी राजेंद्र राणा सप्ताह में एक बार चंडीगढ़ में अपनी कोठी में आते हैं। चंडीगढ़ में रहने वाले हिमाचल प्रदेश लोगों से जुड़े रहते हैं।
चंडीगढ़ में रहने वाले हिमाचल के दर्जनों लोग भी राजेंद्र राणा के चुनाव प्रचार के लिए सुजानपुर में गए थे। मालूम हो कि प्रेम कुमार धूमल राणा के राजनीतिक गुरु भी रह चुके हैं। राणा ने अपना राजनीतिक सफर भाजपा से ही शुरू किया था। जसवंत राणा के अनुसार राजेंद्र राणा काफी सोशल है वह सुजानपुर के लोगों के दुख सुख में हमेशा खड़े रहते हैं। पिछला विधानसभा चुनाव उन्होंने निर्दलीय के तौर पर जीता था। उसके बाद ही वह कांग्रेस में शामिल हुए। पिछले 30 साल से राणा चंडीगढ़ के साथ जुड़े हुए हैं। उनकी शहर में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी है।
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चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर बंसल के लिए राणा ने करवाई थी बैठक
राजेंद्र राणा पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भी करीबी हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में राजेंद्र राणा ने बंसल के लिए प्रचार के अलावा हिमाचल से जुड़े लोगों की बैठक भी करवाई थी। पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि भाजपा के सीएम उम्मीदवार को हराना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले ही उनकी राणा से बात हुई थी राणा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे।
हिमाचल भाजपा अध्यक्ष को नहीं जिता पाए चंडीगढ़ के टंडन
जिला ऊना की पांच सीटों का प्रभारी भाजपा हाईकमान ने चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को बनाया था लेकिन टंडन हिमाचल भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती को चुनाव नहीं जिता पाए। सत्ती ऊना सीट से चुनाव लड़ रहे थे। ऊना की पांच सीटों पर संजय टंडन ने आगे चंडीगढ़ के पांच नेताओं को प्रभारी बना दिया था।
ऊना सीट का प्रभारी पूर्व मेयर अरुण सूद, हरौली सीट पर जिला अध्यक्ष रवि कांत शर्मा, गगरेट सीट पर रविंदर सिंह पठानिया, चिंतपूर्णी में सत्यवान शेरा और कुटलैहड से रामवीर भट्टी को प्रभारी नियुक्त किया गया था। लेकिन ऊना और हरौली की सीट भाजपा नहीं जीत पाई। टंडन हिमाचल चुनाव के समय में एक माह तक जिला ऊना में ही रहे थे।
सोलन सीट के लिए लकी रहे लक्की
हिमाचल की सोलन सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस सीट के लिए कांग्रेस ने चंडीगढ़ के नेता एवं पूर्व डिप्टी मेयर एचएस लक्की को चुनाव प्रभारी बनाया था। लक्की शहर से कई नेता प्रचार के लिए सोलन लेकर गए थे।
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बता दें कि चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के करीब एक लाख लोग निवास करते हैं। राजेंद्र राणा के करीबी दोस्त जसवंत राणा के अनुसार चार साल पहले ही वह परिवार सहित विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर में स्थायी तौर पर परिवार के साथ रहने लगे हैं जबकि इससे पहले राजेंद्र राणा सेक्टर-33 में अपने परिवार के साथ रहते थे। अब भी राजेंद्र राणा सप्ताह में एक बार चंडीगढ़ में अपनी कोठी में आते हैं। चंडीगढ़ में रहने वाले हिमाचल प्रदेश लोगों से जुड़े रहते हैं।
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चंडीगढ़ में रहने वाले हिमाचल के दर्जनों लोग भी राजेंद्र राणा के चुनाव प्रचार के लिए सुजानपुर में गए थे। मालूम हो कि प्रेम कुमार धूमल राणा के राजनीतिक गुरु भी रह चुके हैं। राणा ने अपना राजनीतिक सफर भाजपा से ही शुरू किया था। जसवंत राणा के अनुसार राजेंद्र राणा काफी सोशल है वह सुजानपुर के लोगों के दुख सुख में हमेशा खड़े रहते हैं। पिछला विधानसभा चुनाव उन्होंने निर्दलीय के तौर पर जीता था। उसके बाद ही वह कांग्रेस में शामिल हुए। पिछले 30 साल से राणा चंडीगढ़ के साथ जुड़े हुए हैं। उनकी शहर में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी है।
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चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर बंसल के लिए राणा ने करवाई थी बैठक
राजेंद्र राणा पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भी करीबी हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में राजेंद्र राणा ने बंसल के लिए प्रचार के अलावा हिमाचल से जुड़े लोगों की बैठक भी करवाई थी। पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि भाजपा के सीएम उम्मीदवार को हराना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले ही उनकी राणा से बात हुई थी राणा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे।
हिमाचल भाजपा अध्यक्ष को नहीं जिता पाए चंडीगढ़ के टंडन
जिला ऊना की पांच सीटों का प्रभारी भाजपा हाईकमान ने चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को बनाया था लेकिन टंडन हिमाचल भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती को चुनाव नहीं जिता पाए। सत्ती ऊना सीट से चुनाव लड़ रहे थे। ऊना की पांच सीटों पर संजय टंडन ने आगे चंडीगढ़ के पांच नेताओं को प्रभारी बना दिया था।
ऊना सीट का प्रभारी पूर्व मेयर अरुण सूद, हरौली सीट पर जिला अध्यक्ष रवि कांत शर्मा, गगरेट सीट पर रविंदर सिंह पठानिया, चिंतपूर्णी में सत्यवान शेरा और कुटलैहड से रामवीर भट्टी को प्रभारी नियुक्त किया गया था। लेकिन ऊना और हरौली की सीट भाजपा नहीं जीत पाई। टंडन हिमाचल चुनाव के समय में एक माह तक जिला ऊना में ही रहे थे।
सोलन सीट के लिए लकी रहे लक्की
हिमाचल की सोलन सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस सीट के लिए कांग्रेस ने चंडीगढ़ के नेता एवं पूर्व डिप्टी मेयर एचएस लक्की को चुनाव प्रभारी बनाया था। लक्की शहर से कई नेता प्रचार के लिए सोलन लेकर गए थे।