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Highcourt: बेटी की शादी की तारीख बदल फिर मांगी पैरोल, HC ने लगाई फटकार, कहा-जेल में न होते तो लगाते जुर्माना
Sat, 22 Jun 2024 11:24 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 22 Jun 2024 11:24 AM IST
सार
एनडीपीएस एक्ट में जेल में बंद कैदी ने बेटी की शादी के लिए पैरोल मांगी थी। इस पर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि कैदी एक बार पहले भी बेटी की शादी बताकर पैरोल लेकर फरार हो गया था। इस पर हाईकोर्ट ने उसकी याचिका रद्द कर दी।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बेटी की शादी में शामिल होने के लिए मांगे पहले पैरोल आवेदन के रद्द होने की बात छिपाकर और शादी की तारीख बढ़ाकर दूसरी याचिका दाखिल करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के मामले में जेल में मौजूद कैदी को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि याची सलाखों के पीछे न होता तो उस पर मोटा जुर्माना लगाया जाता।
याचिका दाखिल करते हुए बृज लाल ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसकी बेटी की शादी मई में तय है। ऐसे में शादी में शामिल होने के लिए उसे दो सप्ताह की पैरोल दी जाए। याचिका पर जब नोटिस जारी हुआ तो पंजाब सरकार ने बताया कि याची को एक बार पहले पैरोल दी गई थी और तब वह फरार हो गया था। इसके बाद एक अन्य मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। हिरासत में रहते हुए उसने मार्च, 2024 में बेटी की शादी की दलील देते हुए पैरोल की मांग की थी। उसके आचरण को देखते हुए आवेदन को रद्द कर दिया गया था।
इसके बाद उसने हाईकोर्ट की शरण ली थी और हाईकोर्ट में दाखिल याचिका उसने वापस ले ली थी। अब बेटी की शादी की तारीख आगे बढ़ाकर उसने फिर से उसी कारण के लिए पैरोल मांगी है और वह भी पिछली याचिका की बात छुपाकर। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए याची को जमकर फटकार लगाई है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह जेल में मौजूद नहीं होता तो उस पर मोटा जुर्माना लगाया जाता।
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याचिका दाखिल करते हुए बृज लाल ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसकी बेटी की शादी मई में तय है। ऐसे में शादी में शामिल होने के लिए उसे दो सप्ताह की पैरोल दी जाए। याचिका पर जब नोटिस जारी हुआ तो पंजाब सरकार ने बताया कि याची को एक बार पहले पैरोल दी गई थी और तब वह फरार हो गया था। इसके बाद एक अन्य मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। हिरासत में रहते हुए उसने मार्च, 2024 में बेटी की शादी की दलील देते हुए पैरोल की मांग की थी। उसके आचरण को देखते हुए आवेदन को रद्द कर दिया गया था।
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इसके बाद उसने हाईकोर्ट की शरण ली थी और हाईकोर्ट में दाखिल याचिका उसने वापस ले ली थी। अब बेटी की शादी की तारीख आगे बढ़ाकर उसने फिर से उसी कारण के लिए पैरोल मांगी है और वह भी पिछली याचिका की बात छुपाकर। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए याची को जमकर फटकार लगाई है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह जेल में मौजूद नहीं होता तो उस पर मोटा जुर्माना लगाया जाता।
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