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‘पीयू की सड़कों और लाइटों का मरम्मत का जिम्मा क्यों नहीं लेता चंडीगढ़ प्रशासन’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Jul 2017 01:01 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी की बदहाल वित्तीय स्थिति के मामले में हाईकोर्ट ने अब चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। पीयू की ओर से बताया गया था कि प्रतिवर्ष कैंपस की सड़कों और बिजली पोल्स की मेंटेनेंस पर ही दो करोड़ खर्च करना पड़ता है।
यह खर्च चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन उठा लें तो पीयू की यह राशि बच जाए। इस पर हाई कोर्ट ने अब चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन को 10 अगस्त के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
सुनवाई के दौरान पीयू की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि ऐसे कई खर्च हैं, जिसमें अगर चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन सहयोग करें तो उसके दो करोड़ रुपये तक बच सकते हैं। इस राशि को पीयू के अन्य विकास कार्यों पर लगाया जा सकता है। इन खर्च में पीयू कैंपस की सड़कों की मरम्मत और बिजली पोल्स के मेंटेनेंस आदि का खर्च शामिल है। लिहाजा शहर के अन्य सड़कों और पोल्स की मेंटेनेंस की तरह ही नगर निगम और प्रशासन यह खर्च उठा लें तो इससे यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत मिल जाएगी।
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यह खर्च चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन उठा लें तो पीयू की यह राशि बच जाए। इस पर हाई कोर्ट ने अब चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन को 10 अगस्त के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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सुनवाई के दौरान पीयू की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि ऐसे कई खर्च हैं, जिसमें अगर चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन सहयोग करें तो उसके दो करोड़ रुपये तक बच सकते हैं। इस राशि को पीयू के अन्य विकास कार्यों पर लगाया जा सकता है। इन खर्च में पीयू कैंपस की सड़कों की मरम्मत और बिजली पोल्स के मेंटेनेंस आदि का खर्च शामिल है। लिहाजा शहर के अन्य सड़कों और पोल्स की मेंटेनेंस की तरह ही नगर निगम और प्रशासन यह खर्च उठा लें तो इससे यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत मिल जाएगी।
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हर बात लेकर हाईकोर्ट में न आएं
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
हर बात लेकर हाईकोर्ट में न आएं
हाईकोर्ट ने पीयू को एक बात साफ़ भी कर दी है कि अब हर छोटी बड़ी बात को लेकर उससे मांग न की जाए। मंगलवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने पीयू की ग्रांट को बढ़ाते हुए वर्ष 2017-18 से 207 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे पहले गत माह ही यूजीसी ने पीयू की ग्रांट को 176 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 197 करोड़ रुपये किया था। यह ग्रांट बढ़ाये जाने की स्वीकृति भी मिल चुकी है और पीयू को समय-समय पर ग्रांट की यह राशि जारी की जाती रहेगी।
पंजाब भी बकाया ग्रांट जारी करे
जस्टिस एस.एस. सारों एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने केंद्र सरकार द्वारा दी गयी इस जानकारी पर संतुष्टि जताई। पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि वो भी पीयू की ग्रांट की बकाया राशि जारी करे और मामले की अगली सुनवाई पर इसकी जानकारी दे।
हरियाणा के कॉलेज भी हो सकते हैं पीयू से एफिलिएटेड
पीयू से अब जल्द ही हरियाणा के भी कुछ कॉलेज एफिलिएटेड हो सकते हैं। यह जानकारी हरियाणा सरकार की ओर से हाईकोर्ट को दी गई है। हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि पीयू के कुलपति के साथ हरियाणा के अधिकारियों की एक बैठक हो चुकी है। बैठक में इसका खाका तैयार किया गया है। यह फाइल मुख्य मंत्री के विचाराधीन है। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने पीयू को एक बात साफ़ भी कर दी है कि अब हर छोटी बड़ी बात को लेकर उससे मांग न की जाए। मंगलवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने पीयू की ग्रांट को बढ़ाते हुए वर्ष 2017-18 से 207 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे पहले गत माह ही यूजीसी ने पीयू की ग्रांट को 176 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 197 करोड़ रुपये किया था। यह ग्रांट बढ़ाये जाने की स्वीकृति भी मिल चुकी है और पीयू को समय-समय पर ग्रांट की यह राशि जारी की जाती रहेगी।
पंजाब भी बकाया ग्रांट जारी करे
जस्टिस एस.एस. सारों एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने केंद्र सरकार द्वारा दी गयी इस जानकारी पर संतुष्टि जताई। पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि वो भी पीयू की ग्रांट की बकाया राशि जारी करे और मामले की अगली सुनवाई पर इसकी जानकारी दे।
हरियाणा के कॉलेज भी हो सकते हैं पीयू से एफिलिएटेड
पीयू से अब जल्द ही हरियाणा के भी कुछ कॉलेज एफिलिएटेड हो सकते हैं। यह जानकारी हरियाणा सरकार की ओर से हाईकोर्ट को दी गई है। हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि पीयू के कुलपति के साथ हरियाणा के अधिकारियों की एक बैठक हो चुकी है। बैठक में इसका खाका तैयार किया गया है। यह फाइल मुख्य मंत्री के विचाराधीन है। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा।