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कुत्तों के आतंक पर हाईकोर्ट सख्त, यूटी प्रशासन को अवमानना का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 05 May 2017 09:44 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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स्ट्रे डॉग्स के आतंक से निजात दिलाने तथा हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने में चंडीगढ़ प्रशासन, एमसी और स्वास्थ्य विभाग को नाकाम बताते हुए अवमानना याचिका दाखिल की गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के गृह सचिव अनुराग अग्रवाल, एमसी कमिश्नर व स्वास्थ्य निदेशक को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
चंडीगढ़ निवासी आरपी सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर 28 अप्रैल 2015 को निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन व एमसी को स्ट्रे डॉग्स मामले में बनाई गई पॉलिसी का पालन करना था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो प्रशासन और निगम के अधिकारी दोषी होंगे और उन पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेशों पर जो कमेटी गठित की गई है उसके सुझावों पर भी गौर किया जाए। याचिका में आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। इसी का परिणाम है कि शहर में रोजाना दर्जनों लोग स्ट्रे डॉग्स के हमलों का शिकार हो रहे हैं। याचिकाकर्ता ने इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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चंडीगढ़ निवासी आरपी सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर 28 अप्रैल 2015 को निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन व एमसी को स्ट्रे डॉग्स मामले में बनाई गई पॉलिसी का पालन करना था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो प्रशासन और निगम के अधिकारी दोषी होंगे और उन पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
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साथ ही हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेशों पर जो कमेटी गठित की गई है उसके सुझावों पर भी गौर किया जाए। याचिका में आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। इसी का परिणाम है कि शहर में रोजाना दर्जनों लोग स्ट्रे डॉग्स के हमलों का शिकार हो रहे हैं। याचिकाकर्ता ने इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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कमेटी ने ये दिए थे सुझाव
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
शहर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या पर एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने एक कमेटी गठित की थी। हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस राकेश कुमार गर्ग पर आधारित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि स्ट्रे डॉग्स के केमिकल कास्ट्रेशन की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही कास्ट्रेशन के लिए एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की सिफारिशों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
साथ ही इसके लिए आवारा कुत्तों को पकड़ऩे की जिम्मेदारी ट्रेंड लोगों को ही दी जानी चाहिए। साथ ही जिन स्ट्रे डॉग्स को उठाया जाता है, उनके बारे में यदि कोई जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो उसके लिए भी व्यवस्था की जानी चाहिए। अपनी सिफारिशों में कमेटी ने कहा कि आवारा कुत्तों को जहां से पकड़ा जाए वहीं उन्हे छोड़ा जाए।
अहम सुझावों में एनीमल बर्थ कंट्रोल यूनिट का निर्माण रहा। कमेटी ने कहा कि इस यूनिट को निगम व प्रशासन के सहयोग से काम करना चाहिए। कमेटी ने आवारा कुत्तों के बीमार होने या फिर घायल होने पर उनके इलाज पर खास ध्यान देने की सिफारिश की।
अपनी रिपोर्ट में कमेटी ने यूटी प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों को नाकाफी करार देते हुए कहा यूटी प्रशासन ने 2013 में जो स्कीम तैयार की थी उसका पालन नहीं किया गया। साथ ही प्रशासन द्वारा बनाए गए सेक्टर 38 के वेटरनरी हॉस्पिटल में सुविधाओं का अभाव है और ऐसे में इसको बेहतर बनाने की आवश्यकता है। इस हॉस्पिटल के आपरेशन थिएटर व स्ट्रे डॉग्स को स्ट्रेलाइनजेशन करने की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की आवश्यकता है।
साथ ही इसके लिए आवारा कुत्तों को पकड़ऩे की जिम्मेदारी ट्रेंड लोगों को ही दी जानी चाहिए। साथ ही जिन स्ट्रे डॉग्स को उठाया जाता है, उनके बारे में यदि कोई जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो उसके लिए भी व्यवस्था की जानी चाहिए। अपनी सिफारिशों में कमेटी ने कहा कि आवारा कुत्तों को जहां से पकड़ा जाए वहीं उन्हे छोड़ा जाए।
अहम सुझावों में एनीमल बर्थ कंट्रोल यूनिट का निर्माण रहा। कमेटी ने कहा कि इस यूनिट को निगम व प्रशासन के सहयोग से काम करना चाहिए। कमेटी ने आवारा कुत्तों के बीमार होने या फिर घायल होने पर उनके इलाज पर खास ध्यान देने की सिफारिश की।
अपनी रिपोर्ट में कमेटी ने यूटी प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों को नाकाफी करार देते हुए कहा यूटी प्रशासन ने 2013 में जो स्कीम तैयार की थी उसका पालन नहीं किया गया। साथ ही प्रशासन द्वारा बनाए गए सेक्टर 38 के वेटरनरी हॉस्पिटल में सुविधाओं का अभाव है और ऐसे में इसको बेहतर बनाने की आवश्यकता है। इस हॉस्पिटल के आपरेशन थिएटर व स्ट्रे डॉग्स को स्ट्रेलाइनजेशन करने की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की आवश्यकता है।