{"_id":"654c6889b334b79c890625f4","slug":"highcourt-direct-haryana-punjab-chandigarh-to-make-committee-on-compensation-in-accidents-caused-by-animals-2023-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Highcourt: जंगली जानवरों-पालतू पशुओं के कारण हुआ हादसा तो सरकार को देना होगा मुआवजा, समिति गठित करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Highcourt: जंगली जानवरों-पालतू पशुओं के कारण हुआ हादसा तो सरकार को देना होगा मुआवजा, समिति गठित करने का आदेश
Thu, 09 Nov 2023 02:08 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 09 Nov 2023 02:08 PM IST
सार
हाईकोर्ट के आदेश अनुसार समिति में अध्यक्ष जिले के डीसी होंगे और सदस्यों के रूप में एसपी/डीएसपी (यातायात), एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल होंगे। मुआवजा तय करने के बाद इसकी प्रति प्रधान सचिव/सचिव या एनएचएआई के मामले में परियोजना निदेशक के माध्यम से संबंधित विभागों को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जंगली जानवरों या पालतू पशुओं के कारण होने वाले हादसे में अब पीड़ित या उनका परिवार मुआवजे का हकदार होगा। मुआवजा निर्धारित करने के लिए हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को समिति गठित करने का निर्देश दिया है। गाय, बैल, सांड, गधे, कुत्ते, नीलगाय, भैंस व जंगली व पालतू पशु इसमें शामिल होंगे।
लावारिश पशुओं व जंगली जानवरों के कारण हुई दुर्घटनाओं में मुआवजे के लिए हाईकोर्ट में बहुत सी याचिकाएं विचाराधीन थी। इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा बेहद जरूरी है। राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि पीड़ितों को त्वरित मुआवजे का भुगतान हो। इसके लिए प्रत्येक जिले में समिति बनाए जाए जो मुआवजे का निर्धारण करे।
यह भी पढ़ें: Haryana: अदालत में झूठ मामले में हाईकोर्ट में पेश हुए 2015 से अब तक के शिक्षा महानिदेशक, मांगी माफी
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश अनुसार समिति में अध्यक्ष जिले के डीसी होंगे और सदस्यों के रूप में एसपी/डीएसपी (यातायात), एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल होंगे। मुआवजा तय करने के बाद इसकी प्रति प्रधान सचिव/सचिव या एनएचएआई के मामले में परियोजना निदेशक के माध्यम से संबंधित विभागों को भेजी जाएगी। संबंधित विभाग तय किए गए मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होंगे।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर हादसे को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है तो भी तय समय मे मुआवजा देना होगा। हाईकोर्ट ने आदेश की प्रति हरियाणा व पंजाब के गृह विभाग के प्रमुख सचिव, डीजीपी यूटी चंडीगढ़ को आवश्यक और त्वरित अनुपालन के लिए भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
लावारिश पशुओं व जंगली जानवरों के कारण हुई दुर्घटनाओं में मुआवजे के लिए हाईकोर्ट में बहुत सी याचिकाएं विचाराधीन थी। इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा बेहद जरूरी है। राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि पीड़ितों को त्वरित मुआवजे का भुगतान हो। इसके लिए प्रत्येक जिले में समिति बनाए जाए जो मुआवजे का निर्धारण करे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Haryana: अदालत में झूठ मामले में हाईकोर्ट में पेश हुए 2015 से अब तक के शिक्षा महानिदेशक, मांगी माफी
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश अनुसार समिति में अध्यक्ष जिले के डीसी होंगे और सदस्यों के रूप में एसपी/डीएसपी (यातायात), एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल होंगे। मुआवजा तय करने के बाद इसकी प्रति प्रधान सचिव/सचिव या एनएचएआई के मामले में परियोजना निदेशक के माध्यम से संबंधित विभागों को भेजी जाएगी। संबंधित विभाग तय किए गए मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होंगे।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर हादसे को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है तो भी तय समय मे मुआवजा देना होगा। हाईकोर्ट ने आदेश की प्रति हरियाणा व पंजाब के गृह विभाग के प्रमुख सचिव, डीजीपी यूटी चंडीगढ़ को आवश्यक और त्वरित अनुपालन के लिए भेजने का आदेश दिया है।