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Punjab: हाईकोर्ट ने कहा- कैदी की पिटाई मामले में जज ने नहीं निभाई जिम्मेदारी, जो गलत करेगा उसे भुगतना पड़ेगा

Thu, 21 Dec 2023 09:09 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 21 Dec 2023 09:09 PM IST
सार

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार गुरुवार को पंजाब के एडीजीपी जेल पेश हुए। एडीजीपी ने बताया कि कैदी की पिटाई को लेकर सरकार गंभीर है और जेल अधीक्षक को निलंबित किया जा चुका है। इसके साथ ही इस मामले में गलत रिपोर्ट पेश करने वाले डीआईजी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।

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High Court wrote a letter at administrative level for action against the judge
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेल में कैदी की पिटाई के मामले में जस्टिस एनएस शेखावत ने कहा कि कैदी की शिकायत पर होशियारपुर के जज अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे, ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मैं प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख चुका हूं। जो जैसा करेगा उसे उसका अंजाम भुगतना ही होगा, चाहे वह कोई भी हो।

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मामला होशियारपुर जेल में एक कैदी की पिटाई से जुड़ा है, जिसको लेकर कैदी ने एडवोकेट अमित अग्निहोत्री के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया गया कि पिटाई के बाद सेशन जज को शिकायत दी थी लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी तो डीआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि कैदी के साथ पिटाई का सीसीटीवी फुटेज में जिक्र नहीं है। इसके बाद याची के वकील ने सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश की थी जिसमें जेल अधिकारी कैदी को पीटते नजर आ रहे थे।
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हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए एडीजीपी जेल को तलब किया था। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार गुरुवार को पंजाब के एडीजीपी जेल पेश हुए। एडीजीपी ने बताया कि कैदी की पिटाई को लेकर सरकार गंभीर है और जेल अधीक्षक को निलंबित किया जा चुका है। इसके साथ ही इस मामले में गलत रिपोर्ट पेश करने वाले डीआईजी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। इस मामले की जांच अब रोपड़ के डीआईजी को सौंपी गई है। कैदी को अमृतसर की जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।
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कोर्ट ने कहा कि हमें अधिकारियों को तलब करना अच्छा नहीं लगता लेकिन पुलिस का लापरवाह रवैया इसके लिए हमें मजबूर कर देता है। हाईकोर्ट ने कहा कि अब मामले में जांच के लिए अलग अफसर तय कर दिया गया है और हमें उम्मीद है कि जांच जल्द पूरी होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस जानकारी को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।

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