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हाईकोर्ट सख्त, चंडीगढ़ में कैसे खुला हुक्का बार?

Fri, 06 Feb 2015 05:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 06 Feb 2015 05:18 PM IST
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high court strict on hookah bar at Elante

ट्राईसिटी समेत पंजाब और हरियाणा में हुक्का बारों में निकोटीन के इस्तेमाल पर नजर रखने और उल्लंघन करने पर कारवाई की मांग करते हुए दायर की गई एक जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी के गृह सचिव और एसएसपी को निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।

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वीरवार को अदालत में पंजाब और हरियाणा ने कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट पेश कर दी है, जबकि यूटी पाबंदी संबंधी नोटिफिकेशन भी अब तक जारी नहीं कर पाया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निकोटीन के इस्तेमाल पर सख्त नियम बनाने का निर्देश दिया था।
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चंडीगढ़ प्रशासन ने जवाब में कहा था कि तरल के रूप में निकोटीन को जहर माना जाएगा और इसी के मुताबिक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने पिछले साल सात जुलाई को नियमों में यह प्रावधान शामिल करने संबंधी नोटिफिकेशन का ड्राफ्ट भी हाईकोर्ट में पेश किया था। तब हाईकोर्ट ने 14 दिन के भीतर नोटिफिकेशन जारी करने का निर्देश दिया था। इस मामले की सुनवाई वीरवार को हुई।

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एलांते और सेक्टर26 में 2 नए हुक्का बार खुले

high court strict on hookah bar at Elante

इसी दौरान जस्टिस एसकेमित्तल की डिवीजन बेंच को बताया गया कि नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं हो सकी है। उलटे एलांते माल और सेक्टर-26 में दो नए हुक्का बार खुल गए हैं। यह भी आरोप लगाया कि यहां निकोटीन का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।

नोटिफिकेशन पर यूटी के पास कोई जवाब नहीं था और अब बेंच ने गृह सचिव व एसएसपी यूटी को शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। हालांकि यूटी ने यह जवाब जरूर दिया कि निकोटीन के इस्तेमाल संबंधी कार्रवाई चल रही है। छापेमारी के दौरान सैंपल लिए गए, लेकिन वर्ष 2012 तक के सैंपलों की सीएफएसएल से अभी तक रिपोर्ट नहीं आई।

उधर, पंजाब सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि निकोटीन के इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए प्रदेश के हुक्का बार में चेकिंग की गई। कुछ मामले सामने आए हैं। सैंपल जांच के लिए फारेंसिक लैब भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट नहीं आने के कारण कार्रवाई लंबित है। इसी प्रकार का जवाब हरियाणा सरकार की ओर से भी दिया गया।

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