फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court strict on group home for mentally ill, gives 6 weeks' time to Centre

Chandigarh News: मनोरोगियों के ग्रुप होम पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र को 6 हफ्ते की मोहलत

Sat, 07 Feb 2026 11:19 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
High Court strict on group home for mentally ill, gives 6 weeks' time to Centre
पंजाब के नियमों पर समयबद्ध फैसला लेने का निर्देश, हरियाणा के नियम मंजूर, चार सप्ताह में अधिसूचना जारी करने के आदेश
विज्ञापन

हर जिले में मॉडल ग्रुप होम की मांग पर दोनों राज्यों से जवाब तलब
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। मेंटल हेल्थ एक्ट-2017 लागू होने के बावजूद मनोरोगियों के लिए ग्रुप होम की ठोस व्यवस्था न होने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह पंजाब सरकार की ओर से भेजे गए ग्रुप होम के नियमों पर छह सप्ताह के भीतर फैसला ले। इसके साथ हरियाणा सरकार को उसके नियमों को चार सप्ताह के भीतर अधिसूचित करने का आदेश दिया गया है।
यह जनहित याचिका चंडीगढ़ स्थित पुष्पांजलि ट्रस्ट की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मानसिक रोगियों की देखभाल और पुनर्वास की जिम्मेदारी सरकार की है लेकिन पंजाब और हरियाणा में अब तक ग्रुप होम की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई जबकि मेंटल हेल्थ एक्ट-2017 में गंभीर मानसिक रोगियों को विशेष देखभाल और सुरक्षित आवास देने का स्पष्ट प्रावधान है।
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान याची पक्ष ने अदालत को बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने इस दिशा में पहल करते हुए सेक्टर-31 में ग्रुप होम की आधारशिला रख दी है। यहां 90 मरीजों की क्षमता वाला ग्रुप होम तैयार किया जा रहा है, जहां मानसिक रोगियों को चिकित्सकीय देखभाल के साथ सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इसके उलट पंजाब और हरियाणा में बार-बार आग्रह के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि ग्रुप होम से जुड़े नियम तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजे जा चुके हैं और अब वहां से स्वीकृति का इंतजार है। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र को छह सप्ताह की समयसीमा तय करते हुए निर्णय लेने का आदेश दिया। वहीं केंद्र सरकार ने अदालत को अवगत कराया कि हरियाणा सरकार के नियमों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि अब तक इन्हें अधिसूचित क्यों नहीं किया गया। जवाब संतोषजनक न मिलने पर अदालत ने हरियाणा सरकार को चार सप्ताह में अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए।

इसके साथ अदालत ने हर जिले में मॉडल ग्रुप होम स्थापित करने की मांग पर पंजाब और हरियाणा सरकार से अलग-अलग जवाब दाखिल करने को कहा है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने ग्रुप होम सर्वे की जिम्मेदारी किसी अन्य एजेंसी को देने की बात कही, जिस पर याची पक्ष ने आपत्ति जताई। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर पीजीआई चंडीगढ़ को भी अगली सुनवाई में पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed