फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court said Public Prosecutors independent report mandatory to give additional time for investigation

जांच का अतिरिक्त समय देने के लिए लोक अभियोजक की स्वतंत्र रिपोर्ट अनिवार्य: हाईकोर्ट

Wed, 24 Apr 2024 04:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2024 04:39 AM IST
विज्ञापन
High Court said Public Prosecutors independent report mandatory to give additional time for investigation
-जांच समय पर पूरी न होना अभियोजन पक्ष की चूक, आरोपी को अधिकार से नहीं कर सकते वंचित
विज्ञापन


-एनडीपीएस के मामले में तय समय में जांच पूरी न होने पर हाईकोर्ट ने आरोपी को दी डिफाॅल्ट जमानत

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नशे की वाणिज्य मात्रा से जुड़े मामले में आरोपी को डिफाॅल्ट जमानत देते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि लोक अभियोजक की स्वतंत्र रिपोर्ट के बिना जांच अवधि बढ़ाने का आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अभियोजन पक्ष की चूक को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी है।

पलवल निवासी प्रदीप कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए उसकी डिफाॅल्ट जमानत याचिका को अस्वीकार करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि एफआईआर 30 अगस्त, 2023 को दर्ज की गई थी और जांच एजेंसी के पास जांच पूरी करने के लिए 180 दिनों की अवधि थी। इस अवधि से पहले पुलिस ने समय बढ़ाने के लिए एक आवेदन पेश किया, जिसे पलवल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 26 फरवरी, 2024 को स्वीकार कर 30 दिनों का समय दे दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अवधि बढ़ाने के आवेदन के साथ लोक अभियोजक की कोई रिपोर्ट नहीं थी। लोक अभियोजक की रिपोर्ट पर ही जांच अवधि को एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। रिपोर्ट में जांच की प्रगति और आरोपी को 180 दिनों से अधिक हिरासत में रखने के कारणों को दर्ज करना जरूरी होता है। जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा एक लोक अभियोजक राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण अधिकारी होता है और उसे दंड प्रक्रिया संहिता के तहत राज्य द्वारा नियुक्त किया जाता है। वह जांच एजेंसी का हिस्सा नहीं होता है। वह एक स्वतंत्र वैधानिक प्राधिकरण होता है। लोक अभियोजक से अपेक्षा की जाती है कि वह जांच एजेंसी को जांच पूरी करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से समय विस्तार के लिए अदालत को रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले जांच एजेंसी के अनुरोध पर स्वतंत्र रूप से विचार करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed