फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court said on murder accused selfie from jail If this is true then there is nothing sadder than this

Punjab News: हत्या के आरोपी की जेल से सेल्फी पर हाईकोर्ट ने कहा- अगर यह सही है तो इससे दुखद कुछ नहीं

Sun, 24 Dec 2023 09:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 24 Dec 2023 09:27 AM IST
सार

कोर्ट ने एक फोटो में पाया कि कई कैदी इसमें मौजूद हैं, जिनके हाथ में मोबाइल फोन हैं। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार जेल में खुलेआम मोबाइल का इस्तेमाल हो रहा है और जेल प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है।

विज्ञापन
High Court said on murder accused selfie from jail If this is true then there is nothing sadder than this
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेल में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि पटियाला जेल में हत्या के मामले में अंडर ट्रायल कैदी की सेल्फी का मामला सामने आ गया है। इस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि यह सत्य है तो इससे दुखद और कुछ नहीं हो सकता। यह फोटो शिकायतकर्ता ने आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सौंपी थी। हाईकोर्ट ने इस पर अब एडीजीपी जेल को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


जमानत याचिका दाखिल करते हुए हत्या के मामले में आरोपी ने नियमित जमानत देने की मांग की थी। याची ने हिरासत की लंबी अवधि और इस मामले में भूमिका न होने की दलील दी थी। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने हाईकोर्ट के समक्ष सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ फोटो सौंपी। यह फोटो जेल में ली गई थी और इसमें आरोपी के साथ जेल में मौजूद अन्य कैदी भी थे। 

विज्ञापन

कोर्ट ने एक फोटो में पाया कि कई कैदी इसमें मौजूद हैं, जिनके हाथ में मोबाइल फोन हैं। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार जेल में खुलेआम मोबाइल का इस्तेमाल हो रहा है और जेल प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है। अंडर ट्रायल कैदी की इस प्रकार सोशल मीडिया पर फोटो होना व्यवस्था पर सवाल उठाता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इस मामले में पंजाब के एडीजीपी जेल को आदेश दिया है कि वे इस मामले और जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं के इस्तेमाल को लेकर अगली सुनवाई पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करें।

संगरूर की जेल से वीडियो भेजने पर हाईकोर्ट ले चुका है संज्ञान

संगरूर की जेल में पोक्सो एक्ट में विचाराधीन कैदी की ओर से पीड़िता को मोबाइल से जेल का वीडियो भेजने की अदालत को जानकारी दी गई थी। सिंगल बेंच के समक्ष कैदी की नियमित जमानत याचिका विचाराधीन थी। जेल में कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल को बेहद गंभीर मामला बताते हुए सिंगल बेंच ने इस मामले पर संज्ञान लिया था और इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई के लिए भेजा था। इस मामले में जस्टिस अनुपेंद्र ग्रेवाल की खंडपीठ ने सुनवाई शुरू की तो इस दौरान लॉरेंस बिश्नोई के जेल से हुए इंटरव्यू का मुद्दा उठा और हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब कर लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed