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सरकार बताए, कोरोना से जान गंवाने वाले कितनों के आश्रितों को अभी तक नहीं मिला मुआवजा : हाईकोर्ट
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-आर्थिक सहायता के लिए एक वर्ष से भटक रही विधवा की याचिका पर प्रदेश सरकार से मांगी जानकारी
-याची के पति की कोरोना से हो गई थी मौत, सहायता के लिए सरकार से किया था निवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कोरोना काल में जान गंवाने वालों के आश्रितों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान होने के बावजूद एक वर्ष से इसकी प्रतीक्षा कर रही विधवा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब ऐसे सभी मामलों की जानकारी तलब कर ली है जिसमें अभी तक आर्थिक सहायता का भुगतान नहीं किया गया है।
इससे पहले हरियाणा सरकार की तरफ से जानकारी दी गई थी कि विभाग के पास कोरोना के तहत आश्रित को अनुग्रह राशि के लिए 13,673 दावे आए। विभाग ने 11,794 दावों को स्वीकार कर राशि जारी कर दी थी। याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी कमलेश ढांडा ने हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना के समय में उसके पति 8 अप्रैल 2021 को पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद लगातार उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 20 अप्रैल को वहां उनकी मौत हो गई। याची ने इसके बाद 10 दिसंबर 2021 को कोरोना से मरने वालों के आश्रितों के लिए बनाई गई नीति के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर दिया। यह आवेदन कैथल के जिला राजस्व अधिकारी ने खारिज कर दिया। इसके बाद याची ने दोबारा आवेदन किया तो डीआरओ ने मंजूर कर सीएमओ को भेज दिया, लेकिन सीएमओ ने इसे खारिज कर दिया। याची ने तीसरी बार आवेदन किया तो भी यही परिणाम रहा। याची ने इसके बाद लीगल नोटिस भेजा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब याची ने सहायता के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। कोर्ट ने अब सरकार को आदेश दिया कि वह विस्तृत हलफनामा दायर कर कोर्ट को यह बताए कि राज्य में कोरोना से मरने वालों के आश्रितों को अनुग्रह राशि देने के लिए कितने क्लेम और किस आधार पर खारिज किए गए है। यह भी बताया जाए कि कितने क्लेम विचाराधीन हैं और उनका अब क्या स्टेटस है। उन केस की जानकारी भी कोर्ट को दी जाए जिनके क्लेम स्वीकार किए गए हैं लेकिन राशि अभी तक नहीं दी गई।
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-याची के पति की कोरोना से हो गई थी मौत, सहायता के लिए सरकार से किया था निवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कोरोना काल में जान गंवाने वालों के आश्रितों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान होने के बावजूद एक वर्ष से इसकी प्रतीक्षा कर रही विधवा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब ऐसे सभी मामलों की जानकारी तलब कर ली है जिसमें अभी तक आर्थिक सहायता का भुगतान नहीं किया गया है।
इससे पहले हरियाणा सरकार की तरफ से जानकारी दी गई थी कि विभाग के पास कोरोना के तहत आश्रित को अनुग्रह राशि के लिए 13,673 दावे आए। विभाग ने 11,794 दावों को स्वीकार कर राशि जारी कर दी थी। याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी कमलेश ढांडा ने हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना के समय में उसके पति 8 अप्रैल 2021 को पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद लगातार उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 20 अप्रैल को वहां उनकी मौत हो गई। याची ने इसके बाद 10 दिसंबर 2021 को कोरोना से मरने वालों के आश्रितों के लिए बनाई गई नीति के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर दिया। यह आवेदन कैथल के जिला राजस्व अधिकारी ने खारिज कर दिया। इसके बाद याची ने दोबारा आवेदन किया तो डीआरओ ने मंजूर कर सीएमओ को भेज दिया, लेकिन सीएमओ ने इसे खारिज कर दिया। याची ने तीसरी बार आवेदन किया तो भी यही परिणाम रहा। याची ने इसके बाद लीगल नोटिस भेजा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब याची ने सहायता के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। कोर्ट ने अब सरकार को आदेश दिया कि वह विस्तृत हलफनामा दायर कर कोर्ट को यह बताए कि राज्य में कोरोना से मरने वालों के आश्रितों को अनुग्रह राशि देने के लिए कितने क्लेम और किस आधार पर खारिज किए गए है। यह भी बताया जाए कि कितने क्लेम विचाराधीन हैं और उनका अब क्या स्टेटस है। उन केस की जानकारी भी कोर्ट को दी जाए जिनके क्लेम स्वीकार किए गए हैं लेकिन राशि अभी तक नहीं दी गई।
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