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Highcourt: हजारों करोड़ के घोटाले को सरकार ने बताया हवा हवाई, याचिकाकर्ता पर पांच लाख का जुर्माना

Thu, 14 Dec 2023 03:28 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 14 Dec 2023 03:28 PM IST
सार

याची ने हाईकोर्ट को बताया था कि लुधियाना के ढंढरिया कलां शुष्क बंदरगाह पर आने वाले माल का पूरा ब्योरा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाता है। इसके चलते कर का भुगतान नहीं होता है और यह घोटाला हजारों करोड़ का है। वहीं पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया कि जांच में कोई घोटाला सामने नहीं आया है।  

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High Court rejected appeal for re-hearing of petition regarding scam at Ludhiana Dhandaria Kalan dry port
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

लुधियाना की ढंढरिया कलां शुष्क बंदरगाह पर कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आने वाले कंटेनरों के सामान के लेखाजोखा में गड़बड़ी कर किए गए हजारों करोड़ के घोटाले को लेकर याचिका पर दोबारा सुनवाई करने की अपील पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। 

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हाईकोर्ट में बुधवार को पंजाब सरकार ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और किसी प्रकार का कोई घोटाला नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने अर्जी को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मुख्य याचिका दाखिल करते हुए कैप्टन वाईएस मत्ता ने बताया था कि वह एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग में रह चुके हैं। उनके पास कई सारे दस्तावेज हैं जो यह साबित करते हैं कि ढंढरिया कलां शुष्क बंदरगाह पर आने वाले माल का पूरा ब्योरा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाता है। इसके चलते कर का भुगतान नहीं होता है और यह घोटाला हजारों करोड़ का है। याची ने बताया था कि इस बारे में सभी दस्तावेजों को सौंपते हुए जांच की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।


इस बारे में आरटीआई से जानकारी मांगी गई जिसमें बार-बार टालमटोल होती रही। इसके बाद सारा रिकॉर्ड मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया, लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद बताया गया कि याची से मुख्यमंत्री कार्यालय ने दस्तावेज के साथ हलफनामा भी मांगा है जो याची ने सौंप दिया है। 


पंजाब सरकार ने बताया था कि इस मामले में जांच का निर्णय लिया गया है। तब हाईकोर्ट ने कहा था कि यह मामला 2009-2012 के बीच का है और जब जांच करवाने के लिए सरकार तैयार है तो फिर हाईकोर्ट में इस याचिका को लंबित रखने का कोई लाभ नहीं है। ऐसे में कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब सरकार को आदेश दिए थे कि जांच का नतीजा निकालने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।

अब याची ने बताया कि उसने मांगी गई सारी जानकारी उपलब्ध करवा दी है, लेकिन जांच आगे जानबूझ कर नहीं बढ़ाई जा रही है। याची ने जांच की स्थिति जानने के लिए इसकी स्टेटस रिपोर्ट के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन यह उपलब्ध नहीं करवाई गई। याची ने कहा कि अधिकारी इन कंपनियों को फायदा देने के लिए जांच पर कुंडली मारे बैठे हैं क्योंकि एक निश्चित अवधि के बाद जुर्माने की वसूली नहीं की जा सकती है। हाईकोर्ट ने अर्जी को खारिज करते हुए याची पर 5 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।

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