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Hindi News ›   Chandigarh ›   Meeting of Punjab-Haryana CM to be held Haryana CM Manohar lal Press conference in Chandigarh today

Haryana: एसवाईएल मुद्दे पर 28 दिसंबर को होगी पंजाब-हरियाणा की बैठक, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री करेंगे अध्यक्षता

Thu, 14 Dec 2023 01:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 14 Dec 2023 01:11 PM IST
सार

पत्रकारवार्ता में सीएम मनोहर लाल ने कहा कि विधुर और अविवाहितों को भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने की घोषणा लागू कर दी गई है। अब तक 12882 विधुर और 2026 अविवाहितों की पहचान की गई है। एक दिसंबर 2023 से इनको पेंशन मिलेगी। 

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Meeting of Punjab-Haryana CM to be held Haryana CM Manohar lal Press conference in Chandigarh today
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : twitter

विस्तार

सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) के मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच 28 दिसंबर को फिर बैठक होगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने चंडीगढ़ में यह बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए गंभीर है। पानी की उपलब्धता व आवश्यकता अलग विषय है और नहर बनना अलग। 

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पानी के हिस्से के बारे में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व राजस्थान के लिए ट्रिब्यूनल को फैसला करना है। हरियाणा शुरू से बातचीत के लिए तैयार रहा है। वहीं, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के पास अन्य राज्यों को देने के लिए पानी की एक बूंद भी नहीं है। वह बैठक में जरूर शामिल होंगे। वह किसी से नहीं डरते और राज्य का यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष ठोस रूप में पेश करेंगे।
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गत चार अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब से कहा था कि आप कोई समाधान निकाल लें। वरना हमें आदेश पारित करना होगा। केंद्र सरकार से भी कहा था कि वह पंजाब में जमीन के उस हिस्से का सर्वेक्षण करे जो एसवाईएल नहर के हिस्से के निर्माण के लिए आवंटित किया गया था और वहां किए गए निर्माण की सीमा का अनुमान लगाए। इसके बाद 16 अक्तूबर को मनोहर लाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बातचीत का न्योता दिया था। गुरुवार को मनोहर लाल ने बताया कि बुधवार को ही बैठक की सूचना मिली है।
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तीन साल में तीन बैठकें, नतीजा जीरो

पहली बैठक 18 अगस्त 2020 को पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल में बैठक हुई। कैप्टन ने दलील दी थी कि यदि उनके राज्य ने पानी साझा किया तो पंजाब जल उठेगा।

14 अक्तूबर 2022 और चार जनवरी 2023 को पंजाब के सीएम भगवंत मान और सीएम मनोहर लाल के बीच बैठक हुई। मान ने बातचीत को आगे बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कहते रहे कि पंजाब के पास खेती के लिए पानी नहीं है तो दूसरे राज्य को पानी कैसे देंगे। मनोहर लाल की दलील रही कि पंजाब सरकार नहर का निर्माण करें। पानी पर चर्चा बाद में कर लेंगे।

राज्य का पक्ष दृढ़ता से उठाएंगे, देने के लिए एक बूंद पानी नहीं: मान

भगवंत मान ने एसवाईएल के मुद्दे पर कहा कि पंजाब के पास अन्य राज्यों को देने के लिए पानी की एक बूंद भी नहीं है। वह एसवाईएल के मुद्दे पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री की बैठक में जरूर शामिल होंगे। बैठक में राज्य का मामला दृढ़ता से केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगे। मख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी से नहीं डरते और राज्य का यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष ठोस रूप में पेश करेंगे। न तो उन्होंने एसवाईएल के बारे में सर्वे की मांग की थी और न ही वह इस नहर के चांदी की कस्सी के साथ नींव पत्थर रखने संबंधी समारोह में शामिल थे। इसलिए वह राज्य के हितों की पुरजोर वकालत करेंगे। 

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