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हाईकोर्ट ने कहा: पत्नी से तलाक के बिना दूसरी लड़की संग रहना कामुक व व्यभिचार, नहीं दी जा सकती सुरक्षा
Fri, 16 Sep 2022 09:59 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 16 Sep 2022 09:59 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि लड़का पहले से शादीशुदा है और 19 साल की लड़की के साथ सहमति संबंध में रहकर उसका जीवन बर्बाद कर रहा है। इस प्रकार बिना जीवनसाथी से तलाक लिए रहना कामुक और व्यभिचारी जीवन जीना है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बेहद अहम फैसला में कहा कि बिना तलाक जीवनसाथी के अतिरिक्त किसी अन्य के साथ रहना व्यभिचार है और ऐसे जोड़े को सुरक्षा नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत तौर पर जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है लेकिन इस तरह के जोड़े के रूप में नहीं।
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याचिका दाखिल करते हुए प्रेमी जोड़े ने बताया था कि वह सहमति संबंध में रह रहे हैं। प्रेमी पहले से विवाहित है और उसका उसकी पत्नी से 2014 से विवाद चल रहा है। विवाद को निपटाने का बहुत प्रयास किया गया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ इसलिए दोनों अलग रह रहे हैं। विवाह से दोनों को कोई संतान नहीं है और विवाद निपटने की संभावना भी नहीं है।
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याची ने बताया कि दोनों के बीच विवाद के बावजूद अभी तक तलाक नहीं हुआ है। दोनों ने सहमति संबंध में रहने के लिए सुरक्षा की गुहार कैथल पुलिस से लगाई थी लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने कहा कि लड़का पहले से शादीशुदा है और 19 साल की लड़की के साथ सहमति संबंध में रहकर उसका जीवन बर्बाद कर रहा है। इस प्रकार बिना जीवनसाथी से तलाक लिए रहना कामुक और व्यभिचारी जीवन जीना है।
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इस प्रकार के रिश्ते को सहमति संबंध भी नहीं कह सकते। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार जोड़े के तौर पर रहने के लिए याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा का आदेश नहीं दिया जा सकता। व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षा के लिए जोड़ा पुलिस से गुहार लगा सकता है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने सुरक्षा की मांग को लेकर दाखिल याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।