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Chandigarh News: पूर्व मंत्री राव नरबीर के खिलाफ सीबीआई जांच से हाईकोर्ट का इन्कार

Sat, 24 Aug 2024 05:45 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Aug 2024 05:45 AM IST
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High Court refuses CBI investigation against former minister Rao Narbir
-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष निवेदन का सुझाव
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-नामांकन पत्रों में शिक्षा से जुड़ी गलत जानकारी देने का याचिका में था आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मंत्री राव नरबीर पर चुनाव नामांकन के दौरान शैक्षणिक दस्तावेजों की गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि याची के पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत एफआईआर के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन का विकल्प मौजूद है। होशियारपुर निवासी गोपाल अंगरा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि राव नरबीर ने झूठे शैक्षणिक पत्र दाखिल किए है। ढींगरा ने बताया कि राव नरवीर ने 2005, 2009 और 2014 में चुनाव लड़े और शपथ पत्र दाखिल किए। उन्होंने 2005 में शपथपत्र में बताया कि उन्होंने दसवीं 1976 में उत्तर प्रदेश से की है। 2009 के चुनाव में शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि उन्होंने दसवीं बिरला विद्या मंदिर, नैनीताल से की है। उन्होंने 1986 में हिंदी साहित्य में हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग से ग्रेजुएशन करने की बात कही है। आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि हिंदी साहित्य सम्मेलन को विश्वविद्यालय या बोर्ड की मान्यता नहीं है और ऐसे में इससे डिग्री लेकर सरकारी नौकरी लगे लोगों को हटाया जाए। याची ने कहा कि उसने कई स्तर पर शिकायतें दीं लेकिन इस मामले की सही जांच नहीं की गई। ऐसे में सीबीआई को इस मामले की जांच सौंपी जाए ताकि सच सामने आ सके। हाईकोर्ट ने कहा कि नियमों के अनुसार यदि किसी मामले में कानूनी विकल्प मौजूद हों तो उनका उपयोग किए बिना सीधा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। इस मामले में याची के पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत एफआईआर के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत का विकल्प मौजूद है। इन टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
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