फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court ordered to fix pension of retired from aided schools in Punjab as per Sixth Pay Commission

Highcourt: सहायता प्राप्त स्कूलों के रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन छठे वेतन आयोग के अनुसार तय करे पंजाब सरकार

Thu, 09 May 2024 10:46 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 09 May 2024 10:46 AM IST
सार

मामले में सभी याचिकाकर्ता पंजाब के सहायता प्राप्त स्कूलों से रिटायर कर्मचारी हैं। याचिकाकर्ताओं को अभी तक छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पेंशन लाभ नहीं जारी किए गए हैं।

विज्ञापन
High Court ordered to fix pension of retired from aided schools in Punjab as per Sixth Pay Commission
pension new - फोटो : istock

विस्तार

पंजाब में सहायता प्राप्त स्कूलों से सेवानिवृत्त करीब आठ हजार शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मियों को राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक माह में छठे वेतन आयोग के अनुसार इनकी पेंशन तय करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई तक निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षा व वित्त विभाग दोनों के सचिवों को कोर्ट में हाजिर रहना होगा।
विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए सत्य प्रकाश व अन्य ने एडवोकेट सन्नी सिंगला के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि सभी याचिकाकर्ता पंजाब के सहायता प्राप्त स्कूलों से रिटायर कर्मचारी हैं। याचिकाकर्ताओं को अभी तक छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पेंशन लाभ नहीं जारी किए गए हैं। यह याचिका पिछले दो साल से विचाराधीन है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 21 दिसंबर 2023 को इस मामले में वित्त विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी और इसमें पेंशन दोबारा तय करने को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके बावजूद अभी तक जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है।
विज्ञापन


सरकार ने मांगा समय, कहा- कुछ औपचारिकताएं बाकी
हाईकोर्ट ने मामले को इतने लंबे समय तक लटकाने पर पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि अभी तक इस सैद्धांतिक मंजूरी को अमलीजामा क्यों नहीं पहनाया गया है। इसपर पंजाब सरकार ने कहा कि कुछ औपचारिकताएं अभी बाकी हैं और सरकार को चार सप्ताह का समय दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि चार सप्ताह के भीतर पेंशन को दोबारा तय किया जाए। यदि यह करने में सरकार नाकाम रहती है तो अगली सुनवाई पर शिक्षा विभाग और वित्त विभाग दोनों के सचिवों को कोर्ट में खुद हाजिर रहना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed