भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पर हाईकोर्ट का अहम फैसला
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस महेश ग्रोवर ने एक अहम फैसले में कहा है कि भर्ती में अनियमितता मिलने पर समूची भर्ती रद्द होनी चाहिए, न कि सिर्फ वेटिंग लिस्ट।
यह फैसला मेरिट में एक चयनित आवेदक की ज्वाइनिंग न होने से खाली पद पर वेटिंग लिस्ट में सबसे ऊपर वाले आवेदक को नौकरी देने में आनाकानी करने पर दिया गया है।
परमजीत सिंह ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से दायर याचिका में कहा था कि उसने पंजाब में वोकेशनल मास्टर (इलेक्ट्रिकल) में स्वतंत्रता सेनानी के आश्रितों के कोटे के एक पद के लिए आवेदन किया था। इसमें अनिल कुमार का चयन हो गया था, लेकिन अनिल ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की थी।
अनियमितता पाने पर रद् की थी वेटिंग लिस्ट
दूसरी ओर, परमजीत सिंह का नाम वेटिंग लिस्ट में सबसे ऊपर था। उसने इस खाली आरक्षित सीट पर नौकरी मांगी, लेकिन सरकार ने नौकरी नहीं दी। नौकरी की मांग को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था।
सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि विजिलेंस विभाग ने भर्ती में अनियमितता पाई थी, इसलिए समूची वेटिंग लिस्ट रद्द कर दी गई।
हाईकोर्ट ने अब अपने फैसले में कहा है कि यदि भर्ती में अनियमितताएं मिली थीं तो समूची भर्ती रद्द की जानी चाहिए थी, न कि सिर्फ वेटिंग लिस्ट। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार को परमजीत सिंह को नौकरी पर रखने के निर्देश भी दिए हैं।