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Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court order Haryana govt file report about shops in Mansa Devi complex where marriages conducted

Highcourt: मनसा देवी कॉम्प्लेक्स की दुकानों में हो रहे विवाह, हर शादी में एक ही वरमाला; हरियाणा से जवाब तलब

Sat, 24 Feb 2024 11:22 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 24 Feb 2024 11:22 AM IST
सार

हाईकोर्ट के समक्ष फाजिल्का के प्रेमी जोड़े की याचिका पहुंची थी, जिसमें उन्होंने अपने अभिभावकों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। जोड़े ने पंचकूला के मंदिर में विवाह होने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने जब उनसे विवाह करवाने वाले पंड़ित की जानकारी मांगी तो वे कुछ बता नहीं सके। 

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High Court order Haryana govt file report about shops in Mansa Devi complex where marriages conducted
Hindu Marriage - फोटो : istock

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि पंचकूला के मनसा देवी कॉम्प्लेक्स में मौजूद उन दुकानों के बारे में रिपोर्ट दाखिल की जाए जहां विवाह करवाए जा रहे हैं। विवाह करवाते हुए न तो जोड़े की उचित जानकारी ली जाती है और न ही क्षेत्राधिकार का ध्यान रखा जाता है। हर विवाह में एक ही वरमाला का हो रहा इस्तेमाल, रस्मों और रीतियों का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। साथ ही फाजिल्का एसएसपी को अगली सुनवाई तक जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट के समक्ष फाजिल्का के प्रेमी जोड़े की याचिका पहुंची थी, जिसमें उन्होंने अपने अभिभावकों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। जोड़े ने पंचकूला के मंदिर में विवाह होने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने जब उनसे विवाह करवाने वाले पंड़ित की जानकारी मांगी तो वे कुछ बता नहीं सके। 
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इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि शादी केवल दो व्यक्तियों के बीच एक अनुबंध नहीं है, बल्कि एक पवित्र रिश्ता है और ऐसे में रीतियों व रिवाजों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यह न केवल नैतिकता से संबंधित हैं, बल्कि इसका दुरुपयोग करके सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं को यह भी नहीं पता था कि विवाह संपन्न कराने के लिए अनुष्ठान करने वाले व्यक्ति हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा पांच और सात के प्रावधानों के अनुसार अधिकृत हैं या नहीं।
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हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत संविधान के संरक्षक के रूप में न केवल याचिकाकर्ताओं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों के जीवन और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए कर्तव्यबद्ध है। अभिभावकों को भी गरिमा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी शामिल है।


जोड़े की सुरक्षा के लिए एसएसपी को आदेश
हाईकोर्ट ने फाजिल्का के एसपी को आदेश दिया है कि अगली तारीख तक याचिकाकर्ताओं के जीवन और स्वतंत्रता को कोई नुकसान न हो इसे सुनिश्चित करने के लिए एक हेड कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई जाए। पुलिस अधिकारी का खर्च याचिकाकर्ताओं को देना होगा, जिसमें डीए के साथ-साथ पूरे दिन का भोजन भी शामिल होगा।
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