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हाईकोर्ट का आदेश: पंजाब-हरियाणा में बिना पर्ची बिक रहीं प्रतिबंधित दवाइयां... सीबीआई-एनसीबी एक्शन लें
Wed, 26 Feb 2025 08:23 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 26 Feb 2025 08:23 AM IST
सार
कोर्ट ने पंजाब व हरियाणा की पुलिस को इस कार्रवाई में एजेंसियों का सहयोग करने को भी कहा है। कोर्ट ने कहा कि दोनों एजेंसियों को यह काम इसलिए दिया गया है क्योंकि नशा तस्करी केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक फैल चुकी है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को निर्देश दिया कि वह उन दवा विक्रेताओं पर कार्रवाई करें जो बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाएं बेच रहे हैं।
कोर्ट ने यह आदेश सीबीआई की अंतरिम स्टेटस रिपोर्ट पर दिया है, जिसमें बताया गया कि दवा विक्रेता बिना डाॅक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित दवाएं बेच रहे हैं। अवैध बिक्री को छिपाने के लिए वे नकली प्रिस्क्रिप्शन भी तैयार कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आगामी सुनवाई पर चार मार्च को यह रिपोर्ट पेश करें कि उन्होंने इस दिशा में क्या कदम उठाए हैं।
दोनों यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी ऐसी दवा जिसे कानूनन बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के नहीं दे सकते, खुदरा विक्रेताओं/केमिस्टों द्वारा बेची न जाए। कोर्ट ने पंजाब व हरियाणा की पुलिस को इस कार्रवाई में एजेंसियों का सहयोग करने को भी कहा है। कोर्ट ने कहा कि दोनों एजेंसियों को यह काम इसलिए दिया गया है क्योंकि नशा तस्करी केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक फैल चुकी है।
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कोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि वह इस आदेश को पुलिस के खिलाफ नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ लड़ाई के रूप में देखे। कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार ने खुद स्वीकार किया कि राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत हजारों मामले दर्ज हैं। कोर्ट ने 2021 के एकल पीठ के उस आदेश को वापस लेने से भी इन्कार कर दिया, जिसमें पीठ ने जांच पंजाब पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी।
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कोर्ट ने यह आदेश सीबीआई की अंतरिम स्टेटस रिपोर्ट पर दिया है, जिसमें बताया गया कि दवा विक्रेता बिना डाॅक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित दवाएं बेच रहे हैं। अवैध बिक्री को छिपाने के लिए वे नकली प्रिस्क्रिप्शन भी तैयार कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आगामी सुनवाई पर चार मार्च को यह रिपोर्ट पेश करें कि उन्होंने इस दिशा में क्या कदम उठाए हैं।
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दोनों यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी ऐसी दवा जिसे कानूनन बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के नहीं दे सकते, खुदरा विक्रेताओं/केमिस्टों द्वारा बेची न जाए। कोर्ट ने पंजाब व हरियाणा की पुलिस को इस कार्रवाई में एजेंसियों का सहयोग करने को भी कहा है। कोर्ट ने कहा कि दोनों एजेंसियों को यह काम इसलिए दिया गया है क्योंकि नशा तस्करी केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक फैल चुकी है।
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कोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि वह इस आदेश को पुलिस के खिलाफ नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ लड़ाई के रूप में देखे। कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार ने खुद स्वीकार किया कि राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत हजारों मामले दर्ज हैं। कोर्ट ने 2021 के एकल पीठ के उस आदेश को वापस लेने से भी इन्कार कर दिया, जिसमें पीठ ने जांच पंजाब पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी।