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नई एक्साइज पॉलिसी पर हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 16 Mar 2016 10:45 AM IST
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अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर एराइव सेफ संस्था ने हरियाणा की एक्साइज पॉलिसी को चुनौती दी है। संस्था ने हाईवे के किनारे शराब के ठेके नहीं खोलने की मांग की है। हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस गुरमीत राम की डिवीजन बेंच ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर 30 मार्च तक जवाब देने को कहा है।
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संस्था के चेयरमैन हरमन सिद्धू ने कहा कि नई एक्साइज पॉलिसी में हाईवे के किनारे ठेके खोलने का प्रावधान रखा गया है, लेकिन इसमें स्पष्ट नहीं है कि शराब ठेकों की लोकेशन क्या होगी। मांग की गई है कि नीलामी से पहले ठेकों की लोकेशन ठेकेदारों से मांगी जानी चाहिए। संस्था ने याचिका में नेशनल और स्टेट हाईवे पर शराब के ठेके न खोले जाने के हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
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याचिका में शराब की बिक्री का कोटा बढ़ाने को चुनौती देते हुए कहा गया है कि एक ओर सरकार नशामुक्ति का राग अलाप रही है, वहीं शराब का कोटा बढ़ाया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद इस बार भी शराब की बोतलों पर एमआरपी (मैक्सिमम सेल प्राइस) का प्रावधान नहीं बनाने का आरोप लगाया गया है। कहा है कि ऐसे में पता नहीं चलेगा कि कौन सी शराब कितने में बेची जा सकती है।
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याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि जैसे सिगरेट पैकेट पर खतरे के निशान के लिए जगह तय की गई है, ठीक उसी प्रकार शराब की बोतलों पर भी लेबलिंग होनी चाहिए। इन सभी मुद्दों पर हरियाणा सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार से जवाब तलब कर लिया है।