फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High court main accused anticipatory bail plea rejected

मैं चोर हूं की तख्ती देकर कराई थी परेड: HC ने बताया तालिबानी सजा, मुख्य आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Fri, 14 Mar 2025 02:30 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 14 Mar 2025 02:30 PM IST
सार

घटना 22 जनवरी 2025 को लुधियाना में हुई थी, जहां एक फैक्ट्री मालिक ने कथित तौर पर अपने कर्मचारियों पर कपड़े चोरी करने का आरोप लगाया। पीड़ितों में तीन नाबालिग लड़कियां, एक बुजुर्ग महिला और एक लड़का शामिल थे।

विज्ञापन
High court main accused anticipatory bail plea rejected
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नाबालिग लड़कियों समेत पांच लोगों को मैं चोर हूं, मैं अपना अपराध स्वीकार करता/करती हूं... लिखी तख्तियों के साथ बाजार में परेड कराई गई थी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस कृत्य को तालिबान-शैली की सजा बताते हुए मुख्य आरोपी परविंदर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन


यह घटना 22 जनवरी 2025 को लुधियाना में हुई थी, जहां एक फैक्ट्री मालिक ने कथित तौर पर अपने कर्मचारियों पर कपड़े चोरी करने का आरोप लगाया। पीड़ितों में तीन नाबालिग लड़कियां, एक बुजुर्ग महिला और एक लड़का शामिल थे। उनके चेहरे पर कालिख पोती गई और उनके गले में तख्तियां लटका दी गईं, जिन पर लिखा था, मैं चोर हूं, मैं अपना अपराध स्वीकार करता/करती हूं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे सार्वजनिक आक्रोश फैल गया।
विज्ञापन

अदालत की टिप्पणियां

उच्च न्यायालय ने इस कृत्य को मानवता के दायरे में अस्वीकार्य और कानून को अपने हाथ में लेने का कार्य बताया। अदालत ने कहा कि इस घटना से पीड़ितों की सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है, खासकर नाबालिग लड़कियों की। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह के कृत्य से पीड़ितों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है और समाज में उनकी प्रतिष्ठा गिर सकती है। अदालत ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने को भी गलत बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। मुख्य आरोपी परविंदर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। अदालत ने आरोपी को 10 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने और नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का विकल्प दिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक मोबाइल फोन और फैक्ट्री में लगे डीवीआर को बरामद नहीं किया गया है।

पंजाब सरकार ने दिया तर्क

पंजाब सरकार ने अदालत में जमानत का विरोध करते तर्क दिया कि याची मुख्य आरोपी है। उससे हिरासत में पूछताछ जरूरी है। उसका मोबाइल फोन और फैक्ट्री में लगी डीवीआर अभी तक बरामद नहीं हुई है। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वायरल वीडियो किसके मोबाइल फोन से बनाया गया था और पीड़ितों के चेहरे पर कालिख किसने लगाई थी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed