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नोटिस जारी कर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, कहा- फतेहवीर की मौत किसकी लापरवाही से हुई

Mon, 17 Jun 2019 10:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 17 Jun 2019 10:22 PM IST
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High court issued notices to punjab, central government  and DC and SSP of Sangrur
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

संगरूर जिले में दो वर्षीय मासूम फतेहवीर सिंह की बोरवेल में गिरने के कारण हुई मौत के मामले में दायर याचिका पर सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वे स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर अदालत को बताएं कि पूरे मामले के लिए जिम्मेदार कौन है। 

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फतेहवीर सिंह की मौत किसकी लापरवाही से हुई। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, संगरूर के डीसी, एसएसपी और एसडीएम को भी नोटिस जारी कर 3 जुलाई को जवाब दाखिल करने के कहा है। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।
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हाईकोर्ट के जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस हरनरेश सिंह गिल की वैकेशन बेंच ने सोमवार को इस मामले में एडवोकेट परमिंदर सिंह सेखों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार से मुख्य तौर पर तीन सवालों के जवाब मांगे। पहला, सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2010 और वर्ष 2013 में बोरवेल खुदाई को लेकर देश के सभी राज्यों को जो दिशा निर्देश जारी किए थे, उन पर पंजाब सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की। 

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दूसरा, फतेहवीर की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है और उसके बचाव को लेकर की गई कार्रवाई और बचाव कार्य की नाकामी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी कोर्ट को दी जाए।

तीसरा, प्रदेश में जल्द ही धान का सीजन शुरू हो रहा है और राज्य में पहले से खुदे बोरवेल और जो अब नए बोरवेल खोदे जायेंगे, जिनके बारे में राज्य सरकार क्या करवाई कर रही है।

उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता की ओर से जनहित याचिका में कहा गया है कि दो साल का फतेहवीर 6 जून को बोरवेल में गिर गया था। उसके बाद फतेहवीर को बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने जिस तरह से कार्रवाई की, वह पूरी तरह लापरवाही भरी और बिना किसी ठोस योजना के थी।

इसी वजह से 6 जून को बोरवेल में गिरे फतेहवीर को 10 जून को 110 घंटों बाद निकाला गया। इस काम में हुई देरी के कारण फतेहवीर की जान चली गई। याचिका में इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

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