फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   high court issued notice to Chandigarh administration on admission process

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर हाईकोर्ट सख्त, प्रशासन को नोटिस जारी

Thu, 06 Apr 2017 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 06 Apr 2017 09:50 AM IST
विज्ञापन
high court issued notice to Chandigarh administration on admission process
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विज्ञापन
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। प्राथमिक सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चंडीगढ़ के माउंट कार्मल कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों के परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बच्चों के परिजनों ने हाईकोर्ट को बताया है कि नया सत्र आरंभ होते ही प्राइवेट स्कूलों की मनमानी आरंभ हो जाती है।

कई स्कूलों में दुकान खुल चुकी हैं तो कई स्कूलों की कॉपी, किताबें, स्टेशनरी, बैग, ड्रेस आदि के लिए मोटा कमीशन देने वाली दुकानें तय चुकी हैं। याची ने कहा कि माउंट कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल में पिछले साल ट्यूशन फीस 2625 रुपये थे, लेकिन इस सत्र में बढ़ाकर 4900 रुपये कर दिया गया। इस पर बच्चों के परिजनों ने स्कूल के खिलाफ आवाज भी उठाई, लेकिन स्कूल ने फीस में किसी भी तरह से कमी करने से साफ इंकार कर दिया। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन ने भी आंख बंद कर रखी है।
विज्ञापन


प्रशासन ने स्कूल को नियमों के तहत सस्ते दामों पर जमीन अलाट की थी, लेकिन अब यह स्कूल न होकर लाभ प्राप्त करने की संस्था बन गया है। स्कूलों में दुकान खुल चुकी हैं। ऐसे में इन स्कूलों की जमीन का आवंटन रद्द होना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी स्कूलों में लूट जारी

high court issued notice to Chandigarh administration on admission process
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
याचिका में बताया गया कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 9 अप्रैल 2013 को हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को आदेश दिया था कि वह स्कूलों में छात्रों से फीस के नाम पर हो रही लूट पर रोक लगाने के लिए एक स्थाई नियामक तंत्र विकसित करे। हाईकोर्ट ने सरकार को छह माह के भीतर यह काम पूरा करने का निर्देश दिया था, लेकिन चंडीगढ़ में अभी तक ऐसा कोई तंत्र विकसित नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता ने चंडीगढ़ के प्रशासक, शिक्षा सचिव, निदेशक स्कूल शिक्षा, इस्टेट आफिसर चंडीगढ़, क्षेत्रीय निदेशक सीबीएसई और माउंट कार्मल कॉन्वेंट स्कूल को प्रतिवादी बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed