Punjab News: 5994 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, करना होगा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
हाईकोर्ट ने कहा कि इस याचिका में भर्ती को चुनौती देने का सबसे प्रमुख आधार विज्ञापन जारी होने के बाद भर्ती की प्रक्रिया में परिवर्तन है। यह विषय सुप्रीम कोर्ट में तेज प्रकाश बनाम राजस्थान सरकार केस के रूप में पहुंचा था। इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजा गया था, जिसने 18 जुलाई, 2023 को इस विषय पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में 5994 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। विज्ञापन जारी होने के बाद नियमों में परिवर्तन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले पर अब यह भर्ती निर्भर करेगी। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया कि अगले आदेश तक भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
याचिकाकर्ता परविंदर सिंह व अन्य ने एडवोकेट विकास चतरथ के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने 12 अक्तूबर, 2022 को ईटीटी के 5994 पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन में योग्यता मानकों को पूरा करने के चलते याचिकाकर्ताओं ने भी आवेदन किया था। 28 अक्तूबर, 2022 को पंजाब सरकार ने पंजाब सिविल सर्विस नियम को अधिसूचित किया था। इसके तहत पंजाबी की अतिरिक्त परीक्षा को ग्रुप-सी की सभी सरकारी नौकरियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया।
अधिसूचना जारी करते हुए आरक्षित वर्ग को कोई छूट नहीं दी गई। इसके बाद एक दिसंबर 2022 को एक शुद्धि पत्र जारी किया, जिसके तहत 12 अक्तूबर को ईटीटी के 5994 पद भरने के लिए जारी विज्ञापन पर भी इसे लागू कर दिया गया। याची ने कहा कि इस प्रकार अधिसूचना को किसी पूर्व में जारी भर्ती पर लागू करना पूरी तरह से गलत है। ऐसे में इस शुद्धि पत्र को रद्द करने का आदेश दिया जाए और भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
चयनित आवेदकों की नियुक्ति होना है बाकी
हाईकोर्ट ने कहा कि इस याचिका में भर्ती को चुनौती देने का सबसे प्रमुख आधार विज्ञापन जारी होने के बाद भर्ती की प्रक्रिया में परिवर्तन है। यह विषय सुप्रीम कोर्ट में तेज प्रकाश बनाम राजस्थान सरकार केस के रूप में पहुंचा था। इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजा गया था, जिसने 18 जुलाई, 2023 को इस विषय पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। फिलहाल यह भर्ती अंतिम दौर में है और चयनित आवेदकों की नियुक्ति होना अभी बाकी है।