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Chandigarh News: जरनैल बाजवा को हाईकोर्ट ने दी 15 दिन की मोहलत, अवमानना की कार्रवाई पर मांगा जवाब

Sat, 31 Aug 2024 06:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2024 06:49 AM IST
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High Court gives 15 days time to Jarnail Bajwa, asks for reply on contempt action
चंडीगढ़। आदेश के बावजूद पेश न होने वाले बिल्डर जरनैल सिंह बाजवा को पंजाब पुलिस ने आखिरकार शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पेश कर दिया। हाईकोर्ट ने अब 15 दिन के भीतर उन्हें यह बताने का आदेश दिया है कि उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। इसके साथ ही उन्हें उनकी चल अचल संपत्ति का ब्योरा सौंपने का भी निर्देश दिया है।
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वीरवार को कोशिशों के बावजूद गिरफ्तार करने में नाकाम होने की पंजाब के डीजीपी की दलीलों के बीच वह चुपचाप वीसी से केस सुनता पकड़ा गया था। वीसी के जरिये बाजवा ने अदालत में हाजिर होने की मोहलत मांगी तो हाईकोर्ट ने उसे फटकार लगाते हुए इससे इन्कार कर दिया था। इस वाकया से पुलिस की कोशिशों को बता रहे कोर्ट में मौजूद डीजीपी की काफी किरकिरी हुई थी। डीजीपी की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में पुलिस को बाजवा की तलाश करने में नाकाम बताया गया।
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केस की सुनवाई शुरू होते ही डीजीपी ने हाईकोर्ट को बताया कि बाजवा पर कुल 53 एफआईआर हैं। हाईकोर्ट ने पाया कि इनमें से 39 में जांच लंबित है और कुछ मामले तो 5 साल से भी पुराने हैं। डीजीपी ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि इनकी जांच जल्द पूरी कर ली जाएगी। हाईकोर्ट ने इस पर डीजीपी को आदेश दिया कि अगली सुनवाई पर यह बताया जाए कि कब तक इन मामलों में जांच पूरी होगी। इसके बाद शुक्रवार को पंजाब पुलिस ने बाजवा को गिरफ्तार कर लिया था।
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बाजवा को शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश किया गया और पूछा गया कि बार-बार मौका देने के बावजूद वह अदालत में क्यों नहीं हाजिर हुआ। इस पर उसने शिकायतकर्ताओं से समझौते के लिए वित्त व्यवस्था की दलील दी। हाईकोर्ट ने इन सभी दलीलों को अस्वीकार कर दिया और अब बाजवा को 15 दिन की मोहलत देते हुए पूछा है कि उसके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार मौका देने के बावजूद आप पेश नहीं हुए, आप किसी भी रहम के हकदार नहीं है। हाईकोर्ट ने बाजवा को आदेश दिया कि वे अपनी सभी संपत्तियों की अगली सुनवाई पर जानकारी दें। इसमें चल, अचल संपत्ति व कंपनियों का ब्योरा भी हो।
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