जब योजना नहीं थी तो क्यों खर्च किए 1400 करोड़, कहो तो एयरपोर्ट पर हम ताला लगवा देते हैं: हाईकोर्ट
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बंद हो रहीं इंटरनेशनल फ्लाइट्स और नई उड़ानें शुरू न होने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे ही एयरपोर्ट चलाना है, तो इससे अच्छा है इसे बंद कर दिया जाए और कहो तो हम ताला लगवा दें। चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा कि जब योजना ही नहीं थी तो क्यों 1400 करोड़ खर्च कर एयरपोर्ट बनाया गया।
मंगलवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट ने एयर इंडिया से सिंगापुर की फ्लाइट शुरू करने और बैंकाक की फ्लाइट दोबारा आरंभ करने को लेकर जवाब मांगा। इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एयर इंडिया को खरी-खरी सुनाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सब जानबूझ कर किया जा रहा है और इसके पीछे आपके निहित स्वार्थ हैं।
न तो एयर इंडिया फ्लाइट्स आरंभ करने में दिलचस्पी दिखा रही है और न ही केंद्र सरकार चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चलाने में। हाईकोर्ट ने कहा कि एयर इंडिया नेशनल कैरियर है लेकिन जिस तरह से चंडीगढ़ में हो रहा है, उससे तो यह एंटी नेशनल कैरियर लग रहा है। हज यात्रा का बहाना बनाकर फ्लाइट्स बंद कर दी जाती हैं। हाल ही में देखने में आया है कि कई एयरलाइंस ने भी धीरे-धीरे यहां से फ्लाइट्स बंद करनी या कम करनी शुरू कर दी हैं। इस स्थिति को संभाला भी नहीं जा रहा है। ऐसे में लगता है कि एयरपोर्ट को बनाया ही क्यों गया, जब इसे संभालना नहीं था।
भूमि अधिग्रहण पर फैसला लेने को कहा
एयरपोर्ट पर कैट-3 इंस्टॉल करने और रनवे की एक्सटेंशन के लिए भूमि का अधिग्रहण करने के लिए पंजाब के मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ को बैठक कर इसका हल निकालने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर बैठक में हल न निकले तो यह तीनों अधिकारी हाईकोर्ट में पेश होंगे। मुद्दा चंडीगढ़ में आने वाली .66 एकड़ जमीन का है। पंजाब का कहना है कि इसका खर्च चंडीगढ़ उठाए। वहीं चंडीगढ़ का कहना है कि यह ज्वाइंट वेंचर है और सभी पक्षों को खर्च उठाना चाहिए।
एयरपोर्ट के पास अवैध निर्माण पर होगी सुनवाई
सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट के पास हुए अवैध निर्माण और वेजिटेशन को हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया। हाईकोर्ट ने पहले यहां से अवैध अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए लेकिन बाद में जब याचिकाकर्ता संस्था के एडवोकेट पुनीत बाली ने कहा कि इनमें से कई निर्माण अवैध नहीं हैं तो हाईकोर्ट ने इस विषय पर बुधवार सुबह के बाद फिर सुनवाई करने के आदेश दिए। अब बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी।