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चंडीगढ़: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा- जेलों में अत्याधुनिक जैमर कब तक लगेंगे, छह मई तक दाखिल करना होगा जवाब

Thu, 21 Apr 2022 10:17 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 21 Apr 2022 10:17 PM IST
सार

पंजाब सरकार ने कहा था कि वे 4जी जैमर लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अब हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि अत्याधुनिक तकनीक वाले जैमर पंजाब की जेलों में कब तक लगा दिए जाएंगे। पंजाब सरकार को इस पर छह मई तक जवाब दाखिल करना होगा।

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High court asked Punjab govt how long will ultra modern jammers be installed in jails
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि जेलों में कब तक अत्याधुनिक जैमर लगा दिए जाएंगे। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए छह मई तक की मोहलत दी है। पंजाब की जेलों में कैदियों के पास से लगातार मोबाइल फोन बरामद होने के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। 

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हाईकोर्ट ने कहा था कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से व जेल के अदंर से अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वालों को रोकने के लिहाज से जैमर बहुत जरूरी हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि बदलती तकनीक के चलते अब पुराने जैमर का कोई खास इस्तेमाल नहीं रह गया है। 
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अब 4 जी तकनीक वाले फोन इस्तेमाल हो रहे हैं और जल्द ही 5जी तकनीक वाले फोन बाजार में होंगे। ऐसे में पुराने जैमर इन फोन के सिग्नल रोकने मे सक्षम नहीं है। पंजाब सरकार ने कहा था कि वे 4जी जैमर लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अब हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि अत्याधुनिक तकनीक वाले जैमर पंजाब की जेलों में कब तक लगा दिए जाएंगे। पंजाब सरकार को इस पर छह मई तक जवाब दाखिल करना होगा।
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भगोड़े को नहीं दिया जा सकता अग्रिम जमानत का लाभ: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि भगोड़े व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता। याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा के यमुनानगर निवासी इनाम ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की थी। याचिका सुनवाई के लिए पहुंची तो हाईकोर्ट को बताया गया कि याची को 2012 में एक केस में जमानत दी गई थी। जमानत मिलने के बाद वह दोबारा कभी पेश नहीं हुआ और न्यायालय ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। 


याची पिछले 10 साल से भगोड़ा है और पेश न होने के चलते पुलिस ने अब 12 मार्च 2022 को उसके खिलाफ यह एफआईआर दर्ज की है। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि याची ने पिछले 10 साल से भगोड़ा घोषित करने के आदेश को चुनौती देना जरूरी नहीं समझा। इस प्रकार जमानत मिलने के बाद केस में हाजिर न होना और भगोड़ा घोषित करने के आदेश को चुनौती न देना याची के बर्ताव को दर्शाता है। भगोड़ा घोषित व्यक्ति अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है। 

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