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फटकारः छात्र के भविष्य को दांव पर लगाने वाले प्रबंधन, वीसी को कर दिया जाना चाहिए बर्खास्त

Thu, 06 Dec 2018 09:13 AM IST
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 06 Dec 2018 09:13 AM IST
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High court angry on Guru Ravidas Ayurved University in copy case
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बीएएमएस के एक छात्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरु रविदास आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, होशियारपुर को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि नकल का केस बनाते हुए बिना दिमाग लगाए कार्रवाई करने और इस पर मुहर लगाने वाले यूनिवर्सिटी प्रबंधन व वीसी को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। जिस विषय का पेपर है, पकड़ी गई सामग्री उससे जुड़ी है भी या नहीं, यह देखे बिना कैसे अनफेयर मीन्स केस (यूएमसी) बना दिया गया। 

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छात्र ने जो उत्पीड़न झेला है, उसका मुआवजा क्या होगा, यह बताने के लिए वीसी को खुद अगली सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर रहना होगा। याचिका दाखिल करते हुए छात्र ने कहा था कि वह जुलाई 2017 में तीसरे वर्ष की परीक्षा दे रहा था और दिसंबर 2017 में रिजल्ट भी जारी हुआ। अचानक यूनिवर्सिटी से एक पत्र मिला और यूएमसी कमेटी के सामने पेश होने को कहा गया। 

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High court angry on Guru Ravidas Ayurved University in copy case
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

इसके बाद याची को नवंबर 2017 की परीक्षा के लिए डिस्क्वालिफाई करार दे दिया गया। याची ने इसके खिलाफ सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल की, जिसे सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ डिवीजन बेंच के समक्ष याचिका सुनवाई के लिए पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए चीफ जस्टिस ने केस का रिकॉर्ड मंगवा लिया। 

अगर कागज पर गाना लिखा हो तो भी केस बना दोगे क्या? 
रिकार्ड देखने के बाद चीफ जस्टिस ने विषय विशेषज्ञ को कोर्ट में पेश करने को कहा था। बुधवार को विशेषज्ञ को उत्तर पुस्तिका और पकड़ी गई नकल सामग्री सौंपकर पूछा गया कि क्या यह सामग्री छात्र पेपर में इस्तेमाल कर सकता था। विशेषज्ञ ने कहा कि दोनों का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी को फटकार लगाते हुए कहा कि विशेषज्ञ ने पांच मिनट में बता दिया कि पेपर का सामग्री से कोई वास्ता नहीं है तो क्या फ्लाइंग टीम ने बिना दिमाग लगाए और आंखें मूंदकर यूएमसी बना दी।

 फ्लाइंग टीम बिना दिमाग लगाए अंधा बनकर किसी भी कागज को स्वीकार कर लेगी क्या। अगर कागज पर गाना लिखा हो तो भी केस बना दोगे क्या। आप शिक्षक हैं, देश का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी आप पर है। आप कैसे किसी छात्र का भविष्य दांव पर लगा सकते हो। कोर्ट ने कहा कि ऐसे प्रबंधन, शिक्षक और यूनिवर्सिटी के वीसी को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। 

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