फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   hepatitis c, hepatitis c vaccine, chandigarh pgi, chandigarh news, hindi news, amar ujala news

एक पहल, बिना वैक्सीन हेपेटाइटिस सी को खत्म करने की तैयारी

Fri, 04 Mar 2016 12:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 04 Mar 2016 12:19 PM IST
विज्ञापन
hepatitis c, hepatitis c vaccine, chandigarh pgi, chandigarh news, hindi news, amar ujala news
हेपेटाइटिस सी वैक्सीन - फोटो : फाइल फोटो
देश में पहली बार एक ऐसा हेल्‍थ प्रोग्राम लॉन्च किया जा रहा है, जो बिना वैक्सीन के हेपेटाइटिस सी को जड़ से खत्म कर देगा। बिना वैक्सीन किसी मर्ज को जड़ से खत्म कर पाना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन सा लगता है, लेकिन पीजीआई के हीप्टोलाजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह की बातों पर यकीन करें तो यह पूरी तरह संभव है। इसके तहत छह मार्च को पीजीआई से एक्सटेंशन फार कम्युनिटी हेल्थकेयर आउटकम्स (ईको) को लांच करने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन


इसमें हरियाणा, पंजाब और हिमाचल के जनरल फिजीशियनों का स्किल डेवलपमेंट कर उन्हें हेपेटाइटिस सी का इलाज करने का एक्सपर्ट बनाया जाएगा। पब्लिक  अवेयरनेस बढ़ाया जाएगा ताकि हेपेटाइटिस को रोका जा सके। डा. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वे कुछ दिन पहले अमेरिका में इको की एक ट्रेनिंग लेकर आए हैं। इसके अंतर्गत चलने वाले कई प्रोजेक्टों को उन्होंने करीब से समझा।
विज्ञापन


इसमें एक स्पेशलिस्ट जनरल फिजीशियन से अपनी नालेज शेयर करता है। उस नालेज को फिजीशियन बीमारी की रोकथाम में इस्तेमाल करता है। छह मार्च को यूनिवर्सिटी आफ न्यू मैक्सिको हेल्थ साइंस सेंटर के चलने वाले प्रोजेक्ट इको के डायरेक्टर डा. संजीव अरोड़ा भी मौजूद रहेंगे। उनकी मौजूदगी में एक एमओई साइन होगा, जो हेपेटाइटिस सी के प्रोजेक्ट को बढ़ाने में अहम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
प्रोग्राम लॉन्च के बाद दी जाएगी डॉक्टर्स को ट्रेनिंग
वीरेंद्र सिंह का कहना है कि हेपेटाइटिस सी का इलाज अब काफी आसान हो गया है। भारत के बाजार में कई मेडिसिन आ चुकी है, जो हेपेटाइटिस सी के इलाज में प्रभावशाली है। खासतौर पर डेक्लाटस्वीर और लेडिपस्वीर जैसी दवाइयां हैं। पहली ये दवाएं काफी महंगी आती थीं, लेकिन अब ये दवाएं काफी सस्ती आ रही हैं। छह मार्च को प्रोग्राम लांच होने के बाद पीजीआई के डाक्टर बारी-बारी से जिलों के डाक्टरों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हेपेटाइटिस सी के डाइग्नोज और उसके इलाज के बारे में बताएंगे। हफ्ते में तीन घंटे डाक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

उत्तर भारत में सबसे खतरनाक है हेपेटाइटिस सी
हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में हेपेटाइटिस सी का प्रभाव सबसे ज्यादा है। एक आंकड़े के मुताबिक पूरे भारत में हेपेटाइटिस सी का प्रबलता 1-2 प्रतिशत है, जबकि हरियाणा, पंजाब व हिमाचल के कुछ हिस्सों में इसकी प्रबलता करीब 5 प्रतिशत है। सबसे ज्यादा प्रीवलेंस पंजाब में है, क्योंकि यहां पर नशे की खपत सबसे ज्यादा है। हेपेटाइटिस सी के बाद लीवर सिरोसिस का खतरा बढ़ता और उसके बाद व्यक्ति का बचना काफी मुश्किल होता है।

कैदियों पर खास फोकस रहेगा
तीनों राज्यों में कैदियों पर सबसे ज्यादा फोकस रहने वाला है। क्योंकि यहां पर हैपेटाइटिस सी के काफी मरीज पीजीआई पहुंच रहे हैं। डा. वीरेंद्र सिंह के मुताबिक पिछली ओपीडी में पांच कैदी मरीज आए थे। अक्सर ओपीडी में तीन से चार मरीज आते रहते हैं। छह मार्च को जेलों में तैनात डाक्टरों को भी बुलाया गया है। इसके लिए पंजाब जेल एडीजीपी को पत्र भी लिखा गया है, ताकि वे अपने डाक्टर को कांफ्रेंस में भेजें।


लीवर के ट्रीटमेंट में काफी नाम है वीरेंद्र सिंह का
वीरेंद्र सिंह का नाम लीवर के ट्रीटमेंट में काफी नाम है। लीवर में पानी भरने के बाद उसे सुखाने वाली दवा माइडोड्राइन के बारे में स्टडी की। उसके बाद अमेरिकन एसोसिएशन फार दी स्टडी आफ लीवर डिजीज ने वीरेंद्र सिंह की स्टडी के बाद अपनी गाइड लाइंस बदली। इसके अलावा स्टेमसेल से लीवर री-जेनरेट करने का काम भी उनका काफी सक्सेस फुल रहा है। इसलिए उनके इस प्रोजेक्ट पर भी सफलता की उम्मीद लगाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed