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Hindi News ›   Chandigarh ›   Heirless Girl Child in Chandigarh

नवजात बच्ची की दर्दभरी दास्तां रूला देगी आपको

Wed, 03 Sep 2014 01:22 PM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला Updated Wed, 03 Sep 2014 01:22 PM IST
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Heirless Girl Child in Chandigarh

जन्म के एक दिन बाद ही मां ने बच्ची को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और अदालत ने जेल भेज दिया। इससे नवजात को मां का प्यार तक नहीं मिला और अब वह बच्ची अस्पताल में स्वस्थ है, लेकिन पुलिस की लापरवाही की वजह से उसे ‘अपनों की ममता’ भी नहीं मिल रही है।

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बच्ची को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर ले जाने के लिए डॉक्टर की ओर से पुलिस को दो बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, ताकि उसे शिशु गृह पहुंचाया जा सके। इसके बावजूद पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही है। नतीजतन, पिछले 13 दिनों से जनरल अस्पताल के निकू वार्ड में बच्ची की आंखें ‘अपनों’ की तलाश कर रही है।
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हालांकि, देखभाल यहां भी होती है, लेकिन शिफ्ट बदलते ही हर दिन उसे नए चेहरे मिलते हैं। दरअसल, 18 अगस्त की देर रात मां ने एक दिन की बच्ची को सेक्टर-12 की झाड़ियों में फेंक दिया था।
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19 अगस्त को मार्निंग वाक पर निकले कुछ लोगों ने बच्ची को जनरल अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत नाजुक थी, लेकिन जनरल अस्पताल में इतनी अच्छी देखरेख हुई कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।

नर्से करती हैं देखभाल, बुलाती हैं अनामिका

Heirless Girl Child in Chandigarh

निकू वार्ड में तैनात नर्स उसे अनामिका नाम से दुलार करती हैं। उनका मानना है कि इससे पहले भी एक बच्ची का नाम अनामिका रखा तो उसे अच्छे माता-पिता मिले और उसे विदेश में रहने का मौका मिल गया। इसलिए इसे भी अनामिका के नाम से पुकारती हैं, ताकि इसे भी उसी तरह का प्यार मिले।

दो बार भेजा पुलिस को रिमाइंडर
सूत्रों के मुताबिक, जनरल अस्पताल के एसएनसीयू के इंचार्ज ने बच्ची को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर ले जाने के लिए पुलिस को दो बार रिमाइंडर भेजा है। पहली बार 23 अगस्त और दूसरी बार 28 अगस्त को। ये दोनों रिमाइंडर सेक्टर-6 की पुलिस चौकी को भेजा गया था। इसके बावजूद अब तक पुलिस मौन है।

यह है नियम

Heirless Girl Child in Chandigarh

यदि कोई बच्चा लावारिस मिलता है तो 24 घंटे के अंदर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सूचित करना होता है। यदि बच्चे की हालत नाजुक है तो उसकी मेडिकल रिपोर्ट और एफआईआर की कॉपी के साथ सूचना देनी पड़ती है। इसके बावजूद पुलिस ने अब तक सीडब्ल्यूसी को बच्ची के बारे में सूचित नहीं किया है।   

पुलिस द्वारा बच्ची के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं दी गई है। नियम के मुताबिक बच्चे के लावारिस हालत में मिलने के 24 घंटे के अंदर पुलिस को हमें सूचित करना चाहिए। इस संबंध में बुधवार को डीसीपी पंचकूला को लिखूंगा।
- देवेंद्र कुमार, चेयरपर्सन, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, पंचकूला

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