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चंडीगढ़ः भारी बारिश से घरों में घुसा पानी, पेड़ और मकान गिरे बिजली बाधित, उफान पर बह रही घग्गर
Mon, 19 Aug 2019 10:23 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 19 Aug 2019 10:23 AM IST
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उफान पर बह रही घग्गर
- फोटो : अमर उजाला
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भारी बारिश के कारण ट्राइसिटी में कई घरों में पानी घुस गया। सुखना लेक का वाटर लेवल बढ़ता जा रहा है, वहीं घग्गर नदी भी उफान पर है। शनिवार रात को ट्राइसिटी में पहली बार झमाझम बारिश हुई। 24 घंटे में करीब 91 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शनिवार रात दस बजे शुरू हुई बारिश रविवार सुबह 11 बजे तक जारी रही। उसके बाद भी रुक-रुक बारिश होती रही। बारिश के बाद पूरे ट्राइसिटी में जगह-जगह जलभराव हो गया।
रात के वक्त करीब 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। इससे कई जगह पेड़ों की डालियां टूट गईं और कई घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। भारी बारिश से दिन व रात के तापमान में कमी देखने को मिली। रविवार को दिन का तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था। शनिवार रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था।
मौसम विभाग के मुताबिक, चंडीगढ़ सहित पंजाब व हरियाणा पर लो प्रेशर एरिया के साथ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव था। दोनों सिस्टम ने मानसून को सपोर्ट किया और झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग की ओर से दो दिन पहले इस बात की सूचना दे दी गई थी कि 17 व 18 अगस्त को अच्छी बारिश के संकेत हैं। दोनों ही दिन अच्छी बारिश रिकार्ड हुई है।
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रात के वक्त करीब 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। इससे कई जगह पेड़ों की डालियां टूट गईं और कई घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। भारी बारिश से दिन व रात के तापमान में कमी देखने को मिली। रविवार को दिन का तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था। शनिवार रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था।
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मौसम विभाग के मुताबिक, चंडीगढ़ सहित पंजाब व हरियाणा पर लो प्रेशर एरिया के साथ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव था। दोनों सिस्टम ने मानसून को सपोर्ट किया और झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग की ओर से दो दिन पहले इस बात की सूचना दे दी गई थी कि 17 व 18 अगस्त को अच्छी बारिश के संकेत हैं। दोनों ही दिन अच्छी बारिश रिकार्ड हुई है।
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जगह-जगह जलभराव, हाउसिंग बोर्ड पर फंसी गाड़ियां
रात में बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। मध्य मार्ग के सभी गोल चक्कर पर पानी जमा रहा। हाउसिंग बोर्ड के पास भी पानी काफी था, इससे कई लोगों की गाड़ियां भी फंस गईं। पंचकूला पुलिस के जवान इन गाड़ियों को निकालने की जद्दोजहद में जुटे रहे। मनीमाजरा डुप्लेक्स में एक कार पर पेड़ गिर गया। इससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मकान नंबर 5987 के बाहर खड़ी वैगन आर पर पेड़ गिर पड़ा। सुबह जब कार के मालिक ने देखा तो उन्होंने इसकी सूचना नगर निगम के बागबानी विभाग अधिकारियों को दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वो कई बार बागवानी विभाग के अधिकारियों को लिखित में दे चुके हैं कि इलाके पेड़ों की छंटाई की जाए ताकि पेड़ों की डाल कारों पर न गिरें।
अब चार दिन तक बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को बादल छाए रहेंगे। मगर बारिश के आसार कम हैं। उसके बाद चार दिन मौसम शुष्क रहेगा। हल्के बादल रहेंगे। तापमान के साथ उमस में बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश का फिलहाल कोई चांस नहीं है। 24 अगस्त के बाद दोबारा से बादल छाएंगे। बारिश के भी आसार हैं। हालांकि कोई भारी बारिश का फिलहाल अलर्ट नहीं है। अगले तीन दिन अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री के बीच और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के बीच रिकार्ड किया जा सकता है।
भारी बारिश के चलते कालका-शिमला रेलवे ट्रैक बाधित, सभी ट्रेनें रद्द
कालका-शिमला नेशनल हाईवे की परेशानी के बाद अब लोगों को ट्रेन से यात्रा करना आसान नहीं रह गया है। इस ट्रैक पर लोगों को बारिश के दिनों में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। रविवार सुबह 5:30 मिनट पर धर्मपुर व कुमारहट्टी के बीच में ट्रैक पर पत्थर गिरने से ट्रेनों की आवाजाही के लिए रेल मार्ग बाधित रहा। इस दौरान कालका से शिमला जाने वाली एक ट्रेन धर्मपुर-कुमारहट्टी के बीच मे फंसी रही। इस दौरान ट्रेन में बैठे लोगों को मार्ग ठीक होने तक रुकना पड़ा। वहीं, रेवले स्टेशन सलोगरा-सोलन के मध्य पेड़ गिरने से शिमला-कालका रूट बाधित रहा। इस दौरान कालका से शिमला व शिमला से कालका चलने वाली सभी ट्रेनें रद्द रही।
अब चार दिन तक बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को बादल छाए रहेंगे। मगर बारिश के आसार कम हैं। उसके बाद चार दिन मौसम शुष्क रहेगा। हल्के बादल रहेंगे। तापमान के साथ उमस में बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश का फिलहाल कोई चांस नहीं है। 24 अगस्त के बाद दोबारा से बादल छाएंगे। बारिश के भी आसार हैं। हालांकि कोई भारी बारिश का फिलहाल अलर्ट नहीं है। अगले तीन दिन अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री के बीच और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के बीच रिकार्ड किया जा सकता है।
भारी बारिश के चलते कालका-शिमला रेलवे ट्रैक बाधित, सभी ट्रेनें रद्द
कालका-शिमला नेशनल हाईवे की परेशानी के बाद अब लोगों को ट्रेन से यात्रा करना आसान नहीं रह गया है। इस ट्रैक पर लोगों को बारिश के दिनों में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। रविवार सुबह 5:30 मिनट पर धर्मपुर व कुमारहट्टी के बीच में ट्रैक पर पत्थर गिरने से ट्रेनों की आवाजाही के लिए रेल मार्ग बाधित रहा। इस दौरान कालका से शिमला जाने वाली एक ट्रेन धर्मपुर-कुमारहट्टी के बीच मे फंसी रही। इस दौरान ट्रेन में बैठे लोगों को मार्ग ठीक होने तक रुकना पड़ा। वहीं, रेवले स्टेशन सलोगरा-सोलन के मध्य पेड़ गिरने से शिमला-कालका रूट बाधित रहा। इस दौरान कालका से शिमला व शिमला से कालका चलने वाली सभी ट्रेनें रद्द रही।
1162 फुट के पार पहुंचा सुखना का जलस्तर
चंडीगढ़ में बीते दो दिन से हो बारिश से सुखना लेक का वाटर लेवल 1162 फुट को पार कर गया है। अगर रात में बारिश इसी प्रकार से हुई तो लेक का वाटर लेवल और तेजी से बढ़ सकता है। लेक का वाटर लेवल 1164 फुट पहुंचते ही सुखना रेगुलेटरी एंड के गेट खोल दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इससे पहले साल 2018 में भी सुखना लेक के गेट खोले गए थे। चंडीगढ़ और इसके आसपास लगातार हो रही भारी बारिश के बाद से जहां सिटी में पारा गिरा है, वहीं लेक का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
बीते दो दिन से हो रही बारिश के बाद लेक का जलस्तर 3.5 फुट तक बढ़ गया है। शुक्रवार को सुखना लेक का वाटर लेवल 1158.5 फुट था। शनिवार को लेक का वाटर लेवल 1160 फुट का तक पहुंच गया था। रविवार को इसमें करीब दो फुट की बढ़ोतरी हो गई। अब लेक का वाटर लेवल 1162 फुट को पार कर गया है। जानकारी के मुताबिक, वाटर लेवल 1163 फुट पार करते ही लेक के गेट खोलने की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। 1164 फुट पर लेवल आते ही सुखना लेक के गेट खोल दिए जाएंगे।
पिछले साल सुखना लेक में रिकॉर्ड वाटर लेवल दर्ज किया गया था। उन दिनों हुई बारिश की वजह से सुखना का लेवल 1164 फुट तक पहुंच गया था। अच्छी बारिश के चलते सुखना रेगुलेटरी एंड का गेट खोलना पड़ा था। इससे पहले 2008 सुखना में 1163 फुट वाटर लेवल दर्ज किया गया था। वहीं, यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि हम लगातार सुखना लेक के वाटर लेवल पर नजर बनाए हुए हैं।
बीते दो दिन से हो रही बारिश के बाद लेक का जलस्तर 3.5 फुट तक बढ़ गया है। शुक्रवार को सुखना लेक का वाटर लेवल 1158.5 फुट था। शनिवार को लेक का वाटर लेवल 1160 फुट का तक पहुंच गया था। रविवार को इसमें करीब दो फुट की बढ़ोतरी हो गई। अब लेक का वाटर लेवल 1162 फुट को पार कर गया है। जानकारी के मुताबिक, वाटर लेवल 1163 फुट पार करते ही लेक के गेट खोलने की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। 1164 फुट पर लेवल आते ही सुखना लेक के गेट खोल दिए जाएंगे।
पिछले साल सुखना लेक में रिकॉर्ड वाटर लेवल दर्ज किया गया था। उन दिनों हुई बारिश की वजह से सुखना का लेवल 1164 फुट तक पहुंच गया था। अच्छी बारिश के चलते सुखना रेगुलेटरी एंड का गेट खोलना पड़ा था। इससे पहले 2008 सुखना में 1163 फुट वाटर लेवल दर्ज किया गया था। वहीं, यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि हम लगातार सुखना लेक के वाटर लेवल पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश में जवाब दे गए जर्जर तार, आठ घंटे तक रही कटौती
चंडीगढ़ में शनिवार रात से हो रही बारिश ने बिजली विभाग की पोल खोल दी। सिटी के कई प्रमुख सेक्टरों में रातभर बिजली का जाना-आना लगा रहा। वहीं मनीमाजरा के कई इलाकों में बिजली लगभग आठ घंटे तक गुल रही। इससे रात भर लोग परेशान रहे, लेकिन विभाग की ओर से कोई भी कर्मचारी यह नहीं बता पा रहा था कि आखिर खराबी कहां है। बारिश के बीच शनिवार देर रात बिजली के जर्जर तारों ने एक बार फिर जवाब दे दिया।
कई क्षेत्रों में बिजली के तार टूटने और लोकल फॉल्ट के चलते बिजली गुल रही। लोगों ने इसकी शिकायत बिजली विभाग को की, लेकिन रात को हालत जस की तस बनी रही। कई दफा फोन करने के बाद भी रात भर बिजली नहीं आई। सेक्टर 26, 29, 30, 45, मनीमाजरा, किशनगढ़, राम दरबार, बापूधाम समेत साउथ सेक्टरों में करीब आठ घंटे तक बिजली कटौती रही। इसके अलावा सेक्टर 15, 17, 22 सहित कई सेक्टरों में रातभर बिजली की आवाजाही लगी रही।
पेड़ गिरने से ठप रही बिजली की आपूर्ति
बिजली विभाग के एक एसडीओ ने बताया कि देर रात आंधी से मनीमाजरा के रेमंड स्कूल के पास बिजली के पोल पर एक पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। किसी प्रकार सुबह लाइन ठीक हो सकी, लेकिन लोड अधिक होने से उसे शिफ्ट करने में देरी हो गई, जिससे फिर बिजली आपूर्ति रोकी गई।
सेक्टर 40-41 के डिवाइडर पर गिरा पेड़, बाल-बाल बचे लोग
चंडीगढ़ के विभिन्न इलाकों में खड़े जर्जर पेड़ आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। शनिवार रात हुई जोरदार बारिश के बाद सेक्टर 40-41 के डिवाइडर के पास स्थित एक सफेदा का जर्जर पेड़ अचानक उखड़ गया। पेड़ गिरने से आसपास के घरों को नुकसान हुआ है। वहीं कई लोग बाल-बाल बच गए। सेक्टर 40सी के मकान नंबर 2458 के रहने वाले अरुण वर्मा ने बताया कि एक माह पूर्व ही इस जर्जर पेड़ को लेकर हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट को शिकायती पत्र दिया था, लेकिन विभाग की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते दो दिन से हो रही बारिश से जर्जर सफेदे का पेड़ जमीन से उखड़ गया। अरुण का कहना है कि पेड़ गिरने से निकट के घरों के एसी, बाउंड्री वॉल और वाटर टैंक को नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
कई क्षेत्रों में बिजली के तार टूटने और लोकल फॉल्ट के चलते बिजली गुल रही। लोगों ने इसकी शिकायत बिजली विभाग को की, लेकिन रात को हालत जस की तस बनी रही। कई दफा फोन करने के बाद भी रात भर बिजली नहीं आई। सेक्टर 26, 29, 30, 45, मनीमाजरा, किशनगढ़, राम दरबार, बापूधाम समेत साउथ सेक्टरों में करीब आठ घंटे तक बिजली कटौती रही। इसके अलावा सेक्टर 15, 17, 22 सहित कई सेक्टरों में रातभर बिजली की आवाजाही लगी रही।
पेड़ गिरने से ठप रही बिजली की आपूर्ति
बिजली विभाग के एक एसडीओ ने बताया कि देर रात आंधी से मनीमाजरा के रेमंड स्कूल के पास बिजली के पोल पर एक पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। किसी प्रकार सुबह लाइन ठीक हो सकी, लेकिन लोड अधिक होने से उसे शिफ्ट करने में देरी हो गई, जिससे फिर बिजली आपूर्ति रोकी गई।
सेक्टर 40-41 के डिवाइडर पर गिरा पेड़, बाल-बाल बचे लोग
चंडीगढ़ के विभिन्न इलाकों में खड़े जर्जर पेड़ आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। शनिवार रात हुई जोरदार बारिश के बाद सेक्टर 40-41 के डिवाइडर के पास स्थित एक सफेदा का जर्जर पेड़ अचानक उखड़ गया। पेड़ गिरने से आसपास के घरों को नुकसान हुआ है। वहीं कई लोग बाल-बाल बच गए। सेक्टर 40सी के मकान नंबर 2458 के रहने वाले अरुण वर्मा ने बताया कि एक माह पूर्व ही इस जर्जर पेड़ को लेकर हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट को शिकायती पत्र दिया था, लेकिन विभाग की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते दो दिन से हो रही बारिश से जर्जर सफेदे का पेड़ जमीन से उखड़ गया। अरुण का कहना है कि पेड़ गिरने से निकट के घरों के एसी, बाउंड्री वॉल और वाटर टैंक को नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।