Rain in Chandigarh: साढ़े तीन घंटे में 51 MM बारिश, डूबे चौक-चौराहे, जाम में फंसे लोग
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हुई झमाझम बारिश से चंडीगढ़ के लगभग सभी चौक-चौराहे डूब गए। साढ़े तीन घंटे की बारिश में 51 एमएम पानी गिरा, जिसकी वजह से हर जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हुई झमाझम बारिश से चंडीगढ़ के लगभग सभी चौक-चौराहे डूब गए। साढ़े तीन घंटे की बारिश में 51 एमएम पानी गिरा, जिसकी वजह से हर जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर जाम लग गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश के चलते सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में होने वाले स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह की तैयारियों को भी झटका लगा। उधर, बारिश के चलते बढ़े जलस्तर के कारण रात को एक बार फिर सुखना का फ्लड गेट खोलना पड़ा।
रविवार को बारिश की शुरुआत शाम करीब पांच बजे हुई। सबसे पहले मलोया और सेक्टर 25 की तरफ से बारिश शुरू हुई। थोड़ी देर बाद चंडीगढ़ के लगभग सभी सेक्टरों में तेज बारिश होने लगी। बारिश से सेक्टर-26 के चौक पर भारी जाम लग गया। छुट्टी होने के कारण काफी संख्या में लोग होटल-रेस्टोरेंट व क्लबों में खाना खाने पहुंचे थे। इस दौरान एक ओर पार्किंग और दूसरी ओर पानी भरने के कारण लंबा जाम लग गया।
पीसीआर कर्मचारियों ने तत्काल ट्रैफिक व्यवस्था अपने हाथ में ली और वाहनों को निकलवाया। वहीं, सेक्टर 32, 33, 34, 17 के चौक पर पानी भरा गया था। लगातार साढ़े घंटे तक यह बारिश जारी रही। इसके बाद बारिश थोड़ी कम हुई लेकिन देर रात तक सभी इलाकों में बूंदाबांदी होती रही। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश अभी जारी रहेगी और सोमवार को भी शहर के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
इस संबंध में मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।
बारिश ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में डाला खलल
आजादी के अमृत महोत्सव और हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों में बारिश ने खलल डाला। प्रशासन ने सेक्टर 17 के परेड ग्राउंड में सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं लेकिन तेज बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ और तमाम कर्मचारी और अधिकारी तैयारियों को पूरा करने में देर रात तक जुटे रहे। वहीं, स्वतंत्रता दिवस को लेकर प्रशासन की कई इमारतों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। बारिश की वजह से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड समेत कई इमारतों की लाइटें भी बंद नजर आईं। अगर यह बारिश ऐसे ही सोमवार को भी जारी रही तो परेड ग्राउंड में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में भी बाधा पड़ सकती है। हालांकि प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने वाटरप्रूफ टेंट लगाया है।
सुखना का जलस्तर बढ़ा फिर खोलना पड़ा फ्लड गेट
बारिश के बाद रात करीब 10 बजे सुखना का जलस्तर खतरे के निशान 1163 फीट के करीब पहुंच गया। इसके बाद प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने सुखना का एक फ्लड गेट खोला और पानी को छोड़ा गया। पानी छोड़ने से पहले विभाग की तरफ से मोहाली और पंचकूला को सतर्क कर दिया गया था।
यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि सुखना में जलस्तर बढ़ने के बाद ही एक फ्लड गेट खोला गया। बता दें पांच और एक अगस्त को भी जलस्तर बढ़ने के बाद एक फ्लड गेट खोलना पड़ा था। वर्ष 2020 में वाटर लेवल 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण बलटाना के एरिया में भी पानी घुस गया था। यही कारण है कि पिछले साल से प्रशासन ने खतरे के निशान पर पहुंचने से पहले ही फ्लड गेट खोलने शुरू कर दिए हैं।