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पंजाब में बरसी आफत: तेज हवा, बारिश-ओलों ने गिराई गेहूं की फसल
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना/पटियाला/जालंधर।
Updated Sun, 13 Mar 2016 01:14 PM IST
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तेज हवा, बारिश-ओलों ने गिराई गेहूं की फसल
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब में दो दिन से फसल की बर्बादी और मुश्किलों की बारिश जारी है। शुक्रवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश से गेहूं की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। बारिश के बाद तेज हवा चलने से फसलें गिर गई, जिससे झाड़ कम रहने की आशंका जताई जा रही है। प्रदेश में इस बार 33 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है।
जालंधर में 1.65 लाख हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है। बारिश से खेतों में पानी जमा होने से फसल के गिरने का डर बना हुआ है। पटियाला में शनिवार को 15.5 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, लुधियाना में पिछले 24 घंटों के दौरान 20.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
चीफ एग्रीकल्चर अफसर एसएस सेखों का कहना है कि स्टाफ को खेतों में जाकर सर्वे करने को कहा गया है। उनका कहना है कि जिले में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। बठिंडा में शनिवार सुबह सात बजे तक 11.4 एमएम बारिश हुई थी। शनिवार को करीब 12 एमएम बरसात हुई। फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, मानसा, मोगा और संगरूर में भी बरसात और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
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वहीं, भारतीय किसान यूनियन-एकता के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां का कहना है कि बारिश ने किसान का गणित बिगाड़ दिया है। पंजाब में कई जगह ओले गिरने से फसल को नुकसान हुआ है। झाड़ में 25 से तीस फीसदी तक कमी आ सकती है जबकि ओलों से नुकसान बढ़ सकता है। उनकी मांग है कि सरकार तुरंत गिरदावरी करके किसानों को मुआवजा दे। यूनियन की मांग है कि सौ फीसदी नुकसान पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ और कम नुकसान पर इसके अनुपात में मुआवजा दिया जाए।
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जालंधर में 1.65 लाख हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है। बारिश से खेतों में पानी जमा होने से फसल के गिरने का डर बना हुआ है। पटियाला में शनिवार को 15.5 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, लुधियाना में पिछले 24 घंटों के दौरान 20.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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चीफ एग्रीकल्चर अफसर एसएस सेखों का कहना है कि स्टाफ को खेतों में जाकर सर्वे करने को कहा गया है। उनका कहना है कि जिले में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। बठिंडा में शनिवार सुबह सात बजे तक 11.4 एमएम बारिश हुई थी। शनिवार को करीब 12 एमएम बरसात हुई। फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, मानसा, मोगा और संगरूर में भी बरसात और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
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वहीं, भारतीय किसान यूनियन-एकता के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां का कहना है कि बारिश ने किसान का गणित बिगाड़ दिया है। पंजाब में कई जगह ओले गिरने से फसल को नुकसान हुआ है। झाड़ में 25 से तीस फीसदी तक कमी आ सकती है जबकि ओलों से नुकसान बढ़ सकता है। उनकी मांग है कि सरकार तुरंत गिरदावरी करके किसानों को मुआवजा दे। यूनियन की मांग है कि सौ फीसदी नुकसान पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ और कम नुकसान पर इसके अनुपात में मुआवजा दिया जाए।
आज भी हो सकती है बारिश
तेज हवा से बीच सड़क पर गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
पीएयू के स्कूल ऑफ क्लाइमेट चेंज एवं एग्रीकल्चर मेट्रोलाजी ने अगले 24 घंटों के दौरान भी तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है।
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24 घंटे में हुई बारिश
लुधियाना 20.8 मिमी
पटियाला 15.5 मिमी
बठिंडा 12 मिमी
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सरकार ने दी थी चेतावनी
पंजाब सरकार ने बारिश की चेतावनी देते हुए किसानों को यह सलाह दे दी थी कि वह खेतों में पानी कम लगाएं लेकिन कई किसानों ने पानी लगाया। इसके कारण फसल खराब होने के आसार बढ़ गए हैं।
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कोट
जालंधर जिले में फसल लगभग पक चुकी हैं। ऐसे में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से फसलें बिछ जाती हैं। इससे गेहूं के दाने काले पड़ जाते हैं और पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते। फसलों का झाड़ कम रह जाएगा और इसका सीधा नुकसान किसानों को होगा।
एएस मान, खेतीबाड़ी अधिकारी
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24 घंटे में हुई बारिश
लुधियाना 20.8 मिमी
पटियाला 15.5 मिमी
बठिंडा 12 मिमी
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सरकार ने दी थी चेतावनी
पंजाब सरकार ने बारिश की चेतावनी देते हुए किसानों को यह सलाह दे दी थी कि वह खेतों में पानी कम लगाएं लेकिन कई किसानों ने पानी लगाया। इसके कारण फसल खराब होने के आसार बढ़ गए हैं।
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कोट
जालंधर जिले में फसल लगभग पक चुकी हैं। ऐसे में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से फसलें बिछ जाती हैं। इससे गेहूं के दाने काले पड़ जाते हैं और पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते। फसलों का झाड़ कम रह जाएगा और इसका सीधा नुकसान किसानों को होगा।
एएस मान, खेतीबाड़ी अधिकारी