फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   heath update, valueable plants

इन पौधों को घर में रखेंगे तो ये बीमारियों से लड़ेंगे

Tue, 09 Sep 2014 04:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,चंडीगढ़ Updated Tue, 09 Sep 2014 04:12 PM IST
विज्ञापन
heath update, valueable plants

क्या आपके साथ घर में पौधे भी रहते हैं। अगर नहीं तो कुछ चुनिंदा पौधे जरूर साथ रखें। प्लांट्स और हरियाली सिर्फ सजावट का ही हिस्सा नहीं हैं। घर में कमरों के अंदर कुछ चुनिंदा पौधे लगाकर आप कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी कम कर सकते हैं। अमेरिका की अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ी एजेंसी नासा के एक अध्ययन के मुताबिक कुछ पौधे हवा से बैंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड और ट्राइक्लोरोएथेलीन जैसे जहरीले तत्वों कुदरती तौर पर साफ करते हैं।

विज्ञापन


बैंजीन की मात्रा शरीर में लगातार जाने पर डीएनए को भी प्रभावित करती है और कैंसर जैसे रोग हो सकते हैं। फॉर्मेल्डिहाइड सामान्य इंडोर पॉल्यूशन समस्या है। घर के अंदर हवा में इसकी मात्रा 0.1 पीपीएम से ज्यादा होने पर आंखों में खारिश, जलन और पानी आने की समस्या हो सकती है।
विज्ञापन


अस्थमा के मरीजों को भी यह परेशान करता है। अगर आपको घर में ज्यादा थकान महसूस होती है और नशे जैसा आभास होता है तो अंदर हवा में ट्राइक्लोरोएथेलीन का पॉल्यूशन हो सकता है। यह सांस के साथ अंदर जाने पर तेजी से रक्त में घुलता है और सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर डालता है। आज हम आपको ऐसे ही पौधों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अगर आप घर के अंदर रखते हैं तो इंडोर पॉल्यूशन कम कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ड्वार्फ डेट पाम: कमरे के अंदर गमले में लगा यह पौधा फॉर्मेल्डिहाइड और जाइलिन के प्रदूषण से बचाता है। अगर दमा के मरीज हैं तो यह पौधा आपके लिए कमरे की हवा सही रखेगा।

बोस्टन फर्न: इसे स्वोर्ड फर्न भी कहते हैं। सजावट के लिए हैंगिंग बास्केट में इस पौधे को लगाने का खूब चलन है। यह पौधा भी फॉर्मेल्डिहाइड और जाइलिन के वायु प्रदूषण को रोकने में कारगर है।

इंग्लिश इवी: यह एक सदाबहार क्लाइंविंग प्लांट है। यह दीवार और पेड़ पर चढ़ जाता है। छंटाई न करने पर यह 30 मीटर तक बढ़ सकता है। यह हवा से चार तरहे के वायु प्रदूषण बैंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड, ट्राइक्लोरोएथेलीन और जाइलिन को मुक्त करता है।

पीस लिलीज:
यह स्पाथ के नाम से भी जाना जाता है। यह भी एक सदाबहार पौधा है। इस पर फूल भी आते हैं। यह पांच तरह के इंडोर प्रदूषण को दूर करता है। जिनमें बैंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड, ट्राइक्लोरोएथेलीन, जाइलिन और अमोनिया शामिल है।

चाइनीज एवरग्रीन: यह सदाबहार पौधा सतह के साथ फैल कर बढ़ता है। इसके चौड़ी पत्तियां आकर्षक होती हैं। वर्षा वनों का पौधा है।  बैंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड, ट्राइक्लोरोएथेलीन और जाइलिन जैसे चार तरह के प्रदूषण को कम करता है।

स्नेक प्लांट: यूरोप में इस पौधे को मदर-इन-लाज टंग और सेंट जॉर्जस स्वोर्ड नाम से भी जाना जाता है। चीन में इसे हुवेइलान यानी शेर की पूंछ और तुर्की में इसे पाशा यानी तलवार कहा जाता है। यह भी  बैंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड, ट्राइक्लोरोएथेलीन और जाइलिन जैसे चार तरह के प्रदूषण को कम करता है।

ड्रेकेयना रिफ्लेक्सा: इसे प्ल्योमेल और सांग ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। जंगल में यह पांच मीटर तक हो सकता है मगर घरों में यह बहुत धीमी गति से बढ़ता है। इसे ताज जैसी या ओवल शेप दी जा सकती है। यह भी  बैंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड, ट्राइक्लोरोएथेलीन और जाइलिन जैसे चार तरह के वायु प्रदूषण को कम करता है।

गुलदाउदी: यह पौधा न सिर्फ अपने खूबसूरत फूलों के लिए जाना जाता है, बल्कि इनडोर पॉल्यूशन के खिलाफ सबसे कारगर भी है। यह पांच तरह के वायु प्रदूषण बैंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड, ट्राइक्लोरोएथेलीन, जाइलिन और अमोनिया को रोकता है।


इनडोर प्लांट्स
एडी नर्सरी एंड ऑर्गेनिक फार्म के गुरमेल सिंह ने बताया कि इनडोर प्लांट में ज्यादातर ड्वार्फ डेट पाम, एरोकेरिया, डिफनबेसिया, लेडी पाम, क्रॉटन, सांग ऑफ इंडिया, मोरंटा और मॉस्टेरिया लगाए जाते हैं। ये सभी प्लांट 40 से 60 रुपये में मिल जाते हैं। इनमें एरिका पाम सबसे महंगा होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed