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Chandigarh Mayor Election: हाईकोर्ट ने कहा-चुनाव में 18 दिन की देरी स्वीकार नहीं, 23 जनवरी को मांगा जवाब
Sat, 20 Jan 2024 01:04 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 20 Jan 2024 01:04 PM IST
सार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव 18 जनवरी को होने थे। मतदान से आधे घंटे पहले पीठासीन अधिकारी के बीमार होने की वजह से चुनाव को स्थगित कर दिया गया था। इस चुनाव में कांग्रेस और आप भाजपा के खिलाफ एक साथ आए हैं। चुनाव स्थगित होने के बाद कांग्रेस और आप ने भाजपा पर कई आरोप लगाए थे।
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चंडीगढ़ नगर निगम।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए 6 फरवरी की तारीख तय करने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव में 18 दिन की देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 23 जनवरी तय करते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द चुनाव को लेकर जवाब देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 26 जनवरी से पहले यह चुनाव आवश्यक हैं अन्यथा हाई कोर्ट को आवश्यक आदेश जारी करना पड़ेगा। याचिका पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन नगर निगम सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिया है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कानून व्यवस्था की दलीलें देते हुए चुनाव टालने पर भी प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी दलीलें स्वीकार नहीं की जा सकती।
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हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव में 18 दिन की देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 23 जनवरी तय करते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द चुनाव को लेकर जवाब देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 26 जनवरी से पहले यह चुनाव आवश्यक हैं अन्यथा हाई कोर्ट को आवश्यक आदेश जारी करना पड़ेगा। याचिका पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन नगर निगम सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिया है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कानून व्यवस्था की दलीलें देते हुए चुनाव टालने पर भी प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी दलीलें स्वीकार नहीं की जा सकती।
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव गुरुवार को मतदान से आधे घंटे पहले पीठासीन अधिकारी के बीमार होने की वजह से पोस्टपोन कर दिया गया था। इसके खिलाफ मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गुरुवार को ही चुनाव करवाने की मांग की थी।
याचिका पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम को 23 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया था। इसके बाद डीसी ने आदेश जारी कर 6 फरवरी को चुनाव करवाने का निर्णय लिया था। ऐसे में चुनाव में देरी न हो इसके लिए एक और याचिका दाखिल करते हुए कुलदीप कुमार ने 24 घंटे में कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में चुनाव करवाने की मांग कर दी। साथ ही याचिका में डीसी के आदेश को रद्द करने की मांग की गई।
इस चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी व कांग्रेस गठबंधन की यह चौथी याचिका है। सबसे पहले कांग्रेस के एक पार्षद को हाउस अरेस्ट बताते हुए उसे छुड़ाने को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने रात एक बजे सुनवाई करते हुए प्रशासन को नोटिस जारी किया था। हालांकि अगले दिन शाम को हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद 17 जनवरी को याचिका दाखिल करते हुए कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में चुनाव करवाने की अपील की गई थी।
हाईकोर्ट ने इससे इन्कार करते हुए चुनाव की वीडियोग्राफी का आदेश दिया था। 18 जनवरी को चुनाव न करवाने के चलते हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने देर शाम याचिका पर सुनवाई की थी लेकिन बिना कोई राहत दिए प्रशासन व नगर निगम को 23 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया था। इसके बाद चौथी याचिका दाखिल की गई जिसमें 24 घंटे के भीतर चुनाव करवाने की अपील की गई है।
याचिका पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम को 23 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया था। इसके बाद डीसी ने आदेश जारी कर 6 फरवरी को चुनाव करवाने का निर्णय लिया था। ऐसे में चुनाव में देरी न हो इसके लिए एक और याचिका दाखिल करते हुए कुलदीप कुमार ने 24 घंटे में कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में चुनाव करवाने की मांग कर दी। साथ ही याचिका में डीसी के आदेश को रद्द करने की मांग की गई।
इस चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी व कांग्रेस गठबंधन की यह चौथी याचिका है। सबसे पहले कांग्रेस के एक पार्षद को हाउस अरेस्ट बताते हुए उसे छुड़ाने को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने रात एक बजे सुनवाई करते हुए प्रशासन को नोटिस जारी किया था। हालांकि अगले दिन शाम को हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद 17 जनवरी को याचिका दाखिल करते हुए कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में चुनाव करवाने की अपील की गई थी।
हाईकोर्ट ने इससे इन्कार करते हुए चुनाव की वीडियोग्राफी का आदेश दिया था। 18 जनवरी को चुनाव न करवाने के चलते हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने देर शाम याचिका पर सुनवाई की थी लेकिन बिना कोई राहत दिए प्रशासन व नगर निगम को 23 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया था। इसके बाद चौथी याचिका दाखिल की गई जिसमें 24 घंटे के भीतर चुनाव करवाने की अपील की गई है।