{"_id":"afb4772fa55a77c0262d055df242c72d","slug":"health-survey-related-to-punjab-public-lever-problems","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेल्थ सर्वेः खतरे में है पंजाबियों का लीवर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेल्थ सर्वेः खतरे में है पंजाबियों का लीवर
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 19 Apr 2014 02:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैपेटाइटिस सी, फैट, शराब और नशा पंजाबियों के लीवर को डैमेज कर रहा है। हाल ही में पंजाब के फरीदकोट की बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस की पबमेड में प्रकाशित स्टडी बताती है कि पंजाब में हैपेटाइटिस सी 5.2 प्रतिशत की दर से पांव पसार रहा है, जो देश के साथ ही साउथ एशिया की तुलना में कहीं ज्यादा है।
विज्ञापन
516 मरीजों पर की गई स्टडी के मुताबिक सबसे ज्यादा 41 से 60 साल तक के व्यक्ति हैपेटाइटिस से प्रभावित हैं। यह सीधे लीवर को नुकसान पहुंचाता है। स्टडी के दौरान लिए गए आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना और मोगा में हैपेटाइटिस सी के सबसे ज्यादा केस पाए गए।
विज्ञापन
मुख्य रूप से यह बीमारी ड्रग्स का इस्तेमाल सिरिंज से करने, संक्रमणित रक्त, सर्जिकल उपकरण, असुरक्षित यौन संबंध से होती है। एक अन्य स्टडी के मुताबिक पाकिस्तान के साथ लगते एरिया तरनतारन, अमृतसर और बटाला में हैपेटाइटिस सी का संक्रमण बहुत अधिक है।
विज्ञापन
लुधियाना के डीएमसी हॉस्पिटल के प्रोफेसर डॉ. अजीत सूद की स्टडी भी बताती है कि पंजाब में हैपेटाइटिस सी की प्रबलता सबसे ज्यादा है।
शराब सबसे बड़ा दुश्मन
पीजीआई के हीप्टोलॉजी डिपार्टमेंट के मुताबिक उनकी ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज एल्कोहलिक लीवर डिसीज के आते हैं। इनमें पंजाब के 25-30 प्रतिशत मरीज शामिल हैं।
पीजीआई के गेस्ट्रोविभाग के मुताबिक पीजीआई के आधे से ज्यादा बेड शराबियों से भरे हैं। ज्यादा शराब पीने से कई का तो लीवर पूरी तरह से खराब हो गया है। उनके सामने लीवर ट्रांसप्लांट के अलावा कोई चारा नहीं है।
ज्यादा खाने से भी लीवर खतरे में
पहले कहा जाता था कि शराब पीने से लीवर खराब हो जाएगा। पीजीआई के मुताबिक, ज्यादा खाने से भी लीवर डैमेज हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज के मरीज जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि फैटी लीवर कुछ ही सालों में देश की प्रमुख बीमारियों में शुमार हो जाएगी।
पीजीआई के मुताबिक पंजाब में फैटी लीवर से संबंधित कोई स्टडी नहीं हुई है। इसलिए कितने मरीज हैं, कह पाना बेहद मुश्किल हैं। हालांकि, ओपीडी के मुताबिक 30 प्रतिशत मरीज पंजाब के हैं, बाकी अलग-अलग राज्यों से।
इन जिलों में हैपेटाइटिस सी की प्रबलता
डिस्ट्रिक------------प्रबलता
लुधियाना------------30.44
मोगा----------------17.83
संगरूर--------------11.63
फिरोजपुर------------6.98
मानसा--------------4.46
बरनाला------------3.88
बठिंडा------------3.88
कपूरथला------------2.71
जालंधर------------2.71
नवांशहर------------2.71
पटियाला------------1.16
फरीदकोट------------1.55
(बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस के मुताबिक)
कोट.....
हैपेटाइटिस सी, फैट और शराब से लीवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। हैपेटाइटिस पर पंजाब के लिए कई स्टडी हैं, लेकिन फैटी लीवर से संबंधित कोई स्टडी नहीं है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में पंजाब का 25-30 प्रतिशत शेयर रहता है।
प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, हीप्टोलॉजी विभाग, चंडीगढ़