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स्वास्थ्य मंत्री जी! हरियाणा की हेल्थ खराब है

Mon, 10 Nov 2014 05:01 PM IST
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 10 Nov 2014 05:01 PM IST
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Health Problems in haryana and minister anil vij

हरियाणा की सेहत सुधारने का जिम्मा लेकर प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा ले रहे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अस्पतालों की नब्ज टटोलने में समय लगेगा।

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प्रदेश की बीमार स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत विज के लिए इस महकमे में चुनौतियों का ढेर है। सरकारी अस्पताल में डाक्टर के पास मर्ज के इलाज के लिए आने वाले मरीज को वहां से दवा तो मिल जाती है, लेकिन एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
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अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पतालों में या तो लंबी लाइन लगी है या फिर मशीनों के खराब होने के बोर्ड लटके हैं। राज्य के वीआईपी अस्पतालों में तो थोड़े-बहुत टेस्ट तब भी हो जाते हैं, लेकिन ग्रामीण अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। राज्य के ग्रामीण क्षेत्र की पीएचसी और सीएचसी का बुरा हाल है।

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यह हैं स्वास्थ्य मंत्री के ‌लिए चुनौतियां

Health Problems in haryana and minister anil vij

- राज्य के अस्पतालों में डाक्टरों की संख्या नाकाफी
- सुपरविजन न होने के कारण निचला स्टाफ काम नहीं कर रहा
- जिलों में बिल्डंग बन कर तैयार हैं, लेकिन स्टाफ की खासी कमी
- पंचकूला, रोहतक, गुड़गांव और फरीदाबाद जैसे जिले चिकित्सकों की पहल पसंद
- कस्बों, ब्लाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाना पसंद नहीं करते डॉक्टर
- राज्य में गवर्नमेंट अस्पताल ओवरबर्डन हो गए हैं

क्वालिटी डिलीवरी बड़ी चुनौती
राज्य में 2005 में 39 प्रतिशत विभागीय डिलीवरी थी। जो कि 2014 में बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंच गई, लेकिन गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले में 65 प्रतिशत मौतें डिलीवरी के बाद होती हैं। इसमें से दो तिहाई मौतें डिलीवरी के 24 घंटे के दौरान होती हैं।

12 से 15 प्रतिशत प्रसूताओं की मौत

Health Problems in haryana and minister anil vij

रेफरल लिंकेज न होने के कारण 12 से 15 प्रतिशत प्रसूताओं की मौत हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात एएनएम को यह जानकारी ही नहीं है कि प्रसूता की स्थिति गंभीर हो तो उसे कैसे रैफर करना है। कितनी देर में एंबुलेंस मिलेगी और जहां पर प्रसूता को लेकर जाया जाएगा, वहां उसकी जान बचाने की सारी तैयारियां होगी या नहीं।

स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा अनिल विज के अनुसार, पिछली सरकार का स्वास्थ्य सेवाओं की ओर ध्यान नहीं था। अधिकतर जगह सिफारिशी लोग भर्ती किए गए हैं। मैंने स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा रिकार्ड मांगा है। शीघ्र ही सभी समस्याओं से निपटने की रणनीति बनाई जाएगी।

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