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डॉक्टरों की हड़ताल: पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित, बठिंडा में सरकार के खिलाफ नारेबाजी

Thu, 01 Jul 2021 08:22 PM IST
ajay kumar अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, पटियाला/बठिंडा (पंजाब)
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, पटियाला/बठिंडा (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 01 Jul 2021 08:22 PM IST
सार

एनपीए में कटौती के विरोध में पंजाब में डॉक्टर लगातार हड़ताल कर रहे हैं। गुरुवार को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। नियमित करने की मांग करते हुए कर्मचारियों ने काम छोड़ो हड़ताल भी की। 

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Health facilities affected due to doctors strike in Rajindra Hospital of Patiala
बठिंडा में प्रदर्शन करते डॉक्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मालवा क्षेत्र के जाने-माने सरकारी राजिंदरा अस्पताल में गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। एक तरफ जहां छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के विरोध में डॉक्टर हड़ताल पर चले गए, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों ने भी नियमित करने की मांग को लेकर काम छोड़ हड़ताल की। 

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हड़ताल के कारण राजिंदरा की ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर बंद रहे। यहां तक कि डॉक्टरों ने मेडिकल स्टूडेंट्स की क्लासें तक नहीं लीं। डॉक्टरों ने सुबह आठ बजे से 11 बजे तक हड़ताल की। हड़ताल की वजह से अस्पताल में इलाज को आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं।
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सरकारी मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल के डॉक्टरों ने गुरुवार को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस को काला दिवस के रूप में मनाते हुए छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट की कापियां फूंक कर प्रदर्शन किया। इस मौके पंजाब स्टेट मेडिकल एंड डेंटल टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. डीएस भुल्लर ने कहा कि जब तक पंजाब के सरकारी डॉक्टरों का एनपीए पहले की तरह 25 प्रतिशत करके बेसिक सैलरी का हिस्सा नहीं माना जाता और बाकी बंद किए भत्ते बहाल नहीं किए जाते, उस समय तक डॉक्टरों का रोष जारी रहेगा। 

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उन्होंने कहा कि फिलहाल पांच जुलाई तक डॉक्टर रोजाना सुबह 8 बजे से 11 बजे तक हड़ताल करेंगे। आगे के संघर्ष की रूपरेखा मीटिंग करके तय की जाएगी। उधर, राजिंदरा व मेडिकल कॉलेज के कांट्रैक्ट और आउटसोर्स मुलाजिम भी गुरुवार को रेगुलर करने की मांग को लेकर बेमियादी काम छोड़ हड़ताल पर चले गए। 

बठिंडा: डॉक्टरों ने पंजाब सरकार के खिलाफ की नारेबाजी  
पंजाब सरकार की तरफ से जुलाई माह से लागू किए जा रहे छठे वेतन आयोग के तहत डॉक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी के बजाय उसे कम किए जाने के विरोध में गुरुवार को पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टरों ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर माल रोड पर स्थित एसी मार्केट चौक पर रोष प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अलावा डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल में धरनास्थल पर डॉक्टर के भेष में पुतला टांगकर उसे फंदा लगाया।

एसोसिएशन के जिला प्रधान गुरमेल सिंह की अगुवाई में किए गए पुतला फूंक प्रदर्शन के बाद डॉक्टर गुरमेल ने बताया कि वेतन आयोग में एनपीए को 25 से 20 प्रतिशत कर दिया गया। इससे डॉक्टरों का वेतन कम हो जाएगा। इसके अलावा पेंशन व अन्य भत्तों में भी कटौती हो जाएगी। यह कोरोना वारियर्स के साथ बेहूदा मजाक है। एसोसिएशन इसका कड़ा विरोध करती है। डॉक्टर गुरमेल सिंह ने मांग की है कि सरकार अपने 6वें वेतन आयोग की रिपोर्ट से एनपीए के बारे में की गई सिफारिश को वापस ले। 

सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले डॉक्टर का तबादला 
छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ संघर्षरत पीएमएसए के अध्यक्ष व मेडिकल अधिकारी डॉक्टर गुरमेल सिंह का गुरुवार को बठिंडा से फाजिल्का के गांव पंज कोसी के पीएचसी में तबादला कर दिया है। डॉ. गुरमेल सिंह के नेतृत्व में डॉक्टर कई दिनों से संघर्षरत है। सूत्रों का कहना है कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने बदले डॉक्टर गुरमेल पर गाज गिरी है। गुरुवार को स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव हुसन लाल ने तबादला आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार तबादला पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री की मंजूरी के बाद किया गया। 

अमृतसर: चिकित्सक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया
अमृतसर में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ ने गुरुवार को एक दिन की ओपीडी बंद रखी। पीसीएमएस, बीडीएस, वैटरनरी डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ ने सिविल अस्पताल में छठे वेतन आयोग की शर्तों के खिलाफ पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि गुरुवार को एक दिन की ओपीडी सेवाएं बंद रखी गईं, जबकि 2 और 3 जुलाई को भी डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अन्य स्टाफ पूर्ण हड़ताल करेंगे। सरकार ने डॉक्टरों का एनपीए 25 से 20 फीसदी कर उसे बेसिक वेतन से हटा कर डॉक्टरों को भी सड़कों पर आने के लिए मजबूर कर दिया।

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