{"_id":"c6cc185feb6336f470dd8d5ebdbc9fb3","slug":"health-awareness-camp-at-max-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेल्दी डाइट के बारे में जानकारी चाहिए तो महिलाएं पढ़ें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेल्दी डाइट के बारे में जानकारी चाहिए तो महिलाएं पढ़ें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 09 Mar 2014 03:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैक्स सुपर स्पेशलिएलिटी हास्पिटल मोहाली की ओर से सेक्टर 10 गवर्नमेंट होम साइंस कालेज में महिलाओं के लिए अच्छी पौष्टिकता पर एक सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमिनार में 200 से अधिक गर्ल्स ने हिस्सा लिया। मैक्स की सीनियर कंसलटेंट न्यूट्रीशियन शिवानी गुलाटी ने कहा कि महिलाओं की बचपन, किशोरावस्था और गर्भधारण के अलावा मासिक-धर्म से पूर्व और मासिक-धर्म उपरांतपूरी तरह से अलग-अलग जरूरतें होती हैं।
अच्छी पौष्टिक खुराक की शुरुआत अच्छी पौष्टिक क्षमता वाले संपूर्ण अनाज, ताजा फल और सब्जियां, स्वास्थ्यवर्धक वसा और प्रोटीन के संतुलित संसाधनों से होती है।
विज्ञापन
इस प्रकार के भोजन महिलाओं को अच्छी तरह से ऊर्जा प्रदान करती है और वे पूरा जीवन वजन पर भी नियंत्रण रख पाते हैं और ये किसी भी उम्र में अच्छा दिखने और अच्छा महसूस करने के सर्वाधिक महत्वपूर्ण तत्व हैं।
महिलाओं में आस्ट्रियोपोरोसिस का जोखिम ज्यादा
महिलाओं में आस्टियोपोरोसिस का जोखिम पुरुषों के मुकाबले काफी अधिक होता है और अच्छी पौष्टिक खुराक और व्यायाम कर इसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
गुलाटी ने बताया कि हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम, मैगनीशियम और विटामिन-डी काफी मात्रा में ली जाती है। इससे आस्टियोपोरोसिस का खतरा कम रहता है।
आयरन पर सबसे ज्यादा ध्यान
शिवानी ने बताया कि मासिक धर्म के कारण महिलाएं हर महीने 15 से 20 मिलीग्राम आयरन खो देती हैं। आयरन की मात्रा में कमी के चलते आयरन डेफिसेंसी एनीमिया हो जाता है, जिसके मुख्य लक्षणों में थकान और सिरदर्द शामिल हैं।
रजोनिवृति के बाद शरीर में आयरन सामान्य तौर पर बढ़ जाता है। ऐसे में 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में आयरन की कमी इस बात का सीधा संकेत है कि किसी अन्य स्त्रोत से रक्त बह रहा है और ऐसे में एक फिजीशियन से जांच करवानी चाहिए।
महिलाओं के लिए अच्छे भोजन के टिप्स
- अपनी खुराक में संतुलित प्रोटीन शामिल करें
- एक दिन में सोडियम की मात्रा 2300 एमजी तक ही सीमित करें
- एडेड चीन के साथ भोजन और चीनी की मात्रा को सीमित करें
- एल्कोहल और कैफीन ड्रिंक्स को नजरअंदाज करें
- वैल्यू कॉलम में प्रतिदिन के औसत को दर्ज कर जांच करें
विज्ञापन
सेमिनार में 200 से अधिक गर्ल्स ने हिस्सा लिया। मैक्स की सीनियर कंसलटेंट न्यूट्रीशियन शिवानी गुलाटी ने कहा कि महिलाओं की बचपन, किशोरावस्था और गर्भधारण के अलावा मासिक-धर्म से पूर्व और मासिक-धर्म उपरांतपूरी तरह से अलग-अलग जरूरतें होती हैं।
विज्ञापन
अच्छी पौष्टिक खुराक की शुरुआत अच्छी पौष्टिक क्षमता वाले संपूर्ण अनाज, ताजा फल और सब्जियां, स्वास्थ्यवर्धक वसा और प्रोटीन के संतुलित संसाधनों से होती है।
विज्ञापन
इस प्रकार के भोजन महिलाओं को अच्छी तरह से ऊर्जा प्रदान करती है और वे पूरा जीवन वजन पर भी नियंत्रण रख पाते हैं और ये किसी भी उम्र में अच्छा दिखने और अच्छा महसूस करने के सर्वाधिक महत्वपूर्ण तत्व हैं।
महिलाओं में आस्ट्रियोपोरोसिस का जोखिम ज्यादा
महिलाओं में आस्टियोपोरोसिस का जोखिम पुरुषों के मुकाबले काफी अधिक होता है और अच्छी पौष्टिक खुराक और व्यायाम कर इसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
गुलाटी ने बताया कि हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम, मैगनीशियम और विटामिन-डी काफी मात्रा में ली जाती है। इससे आस्टियोपोरोसिस का खतरा कम रहता है।
आयरन पर सबसे ज्यादा ध्यान
शिवानी ने बताया कि मासिक धर्म के कारण महिलाएं हर महीने 15 से 20 मिलीग्राम आयरन खो देती हैं। आयरन की मात्रा में कमी के चलते आयरन डेफिसेंसी एनीमिया हो जाता है, जिसके मुख्य लक्षणों में थकान और सिरदर्द शामिल हैं।
रजोनिवृति के बाद शरीर में आयरन सामान्य तौर पर बढ़ जाता है। ऐसे में 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में आयरन की कमी इस बात का सीधा संकेत है कि किसी अन्य स्त्रोत से रक्त बह रहा है और ऐसे में एक फिजीशियन से जांच करवानी चाहिए।
महिलाओं के लिए अच्छे भोजन के टिप्स
- अपनी खुराक में संतुलित प्रोटीन शामिल करें
- एक दिन में सोडियम की मात्रा 2300 एमजी तक ही सीमित करें
- एडेड चीन के साथ भोजन और चीनी की मात्रा को सीमित करें
- एल्कोहल और कैफीन ड्रिंक्स को नजरअंदाज करें
- वैल्यू कॉलम में प्रतिदिन के औसत को दर्ज कर जांच करें