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हेल्थ अलर्ट: बुखार आते ही कराएं मलेरिया टेस्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 06 Aug 2014 01:40 PM IST
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मलेरिया का जून से सितंबर तक काफी प्रकोप रहता है। जब भी व्यक्ति इसकी चपेट में आता है तो एक दिन छोड़कर बुखार बना रहता है। ठंड और कंपकपी लगती है। लापरवाही बरतने पर जानलेवा बन सकता है।
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विशेषज्ञ बताते हैं कि बुखार महसूस होते ही डिस्पेंसरी में खून टेस्ट करवाएं और अच्छे डाक्टर को दिखाएं। चंडीगढ़ में एक जनवरी से लेकर 31 जुलाई तक 47 मलेरिया के केस आ चुके हैं।
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प्रशासन की चुस्ती की वजह से यह आंकड़ा पिछले साल की अपेक्षा काफी कम है। प्रशासन का कहना है कि आंकड़े कम होने के बावजूद लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। थोड़ी सी सतर्कता बरतने पर आप आसानी से मलेरिया को मात दे सकते हैं।
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ऐसे फैलता है मलेरिया
मलेरिया प्लास्मोडियम गण के मुख्य रूप से दो सदस्य मनुष्य को संक्रमित करते हैं। पहला वाइवैक्स व दूसरा फैल्सीफेरम। वाइवैक्स के मुकाबले फैल्सीफेरम ज्यादा खतरनाक है। इसकी चपेट में आने से मौत भी हो सकती है। मलेरिया मादा एनोलीज जाति के मच्छरों से मलेरिया का रोग फैलता है। यह दो चक्र में फैलता है।
संक्रमित मच्छर से स्वस्थ मनुष्य तक
जब संक्रमित मादा एनोलीज मच्छर किसी स्वस्थ मनुष्य को काटता है तो वह अपने लार के साथ उसके रक्त में मलेरिया परजीवी को पहुंचा देता है। करीब दस से 12 दिन बाद मलेरिया रोग के लक्षण मिलने लगते हैं।
मलेरिया रोगी से स्वस्थ व्यक्तियों तक
मलेरिया रोगी को काटने पर असंक्रमित मादा एनोलीज मच्छर रोगी के खून के साथ मलेरिया परजीवी को भी चूस लेते हैं। 12-14 दिनों मे मादा एनोलीज मच्छर भी संक्रमित होकर मलेरिया फैलाने में सक्षम हो जाते हैं। वह जितने भी स्वस्थ व्यक्ति को काटेगा उसे मलेरिया हो जाता है।
ऐसे दें मलेरिया को मात
.घर के आसपास व छतों पर पानी जमा न होने दें।
.घरों में बर्तनों, होदियों व कूलरों को सप्ताह में एक बार सुखाकर दोबारा प्रयोग में लाएं
.छत पर रखे कबाड़ में पानी न जमा होने दें
.घर के आसपास गड्डों को मिट्टी से धक दें।
मलेरिया के लक्षण
.अचानक सर्दी लगना ( कंपकपी लगना ,अधिक से अधिक रजाई कंबल ओढ़ना)।
.फिर गर्मी लगकर तेज बुखार होना।
.पसीना आकर बुखार कम होना व कमजोर महसूस करना।
मलेरिया होने पर क्या करें
.पास की डिस्पेंसरी में रक्त की जांच करवाएं
.डाक्टर की सलाह पर क्लोरोक्विन मेडिसिन खाएं
.खूब पानी पीएं या तरल पदार्थ लें
.जब तक बुखार रहे तब तक आराम करे
.अराम नहीं करने पर यह बढ़ने लगता है
कोट
मलेरिया का सीजन शुरू हो चुका है। थोड़ी सी सतर्कता से लोग इस बीमारी की चपेट में आने से बच सकते हैं। पिछली बार की अपेक्षा काफी कम केस हैं। प्रशासन की ओर से लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है। चंडीगढ़ की लगभग सभी डिस्पेंसरी में मलेरिया की जांच उपलब्ध है।
डा. अनिल गर्ग, कार्यवाहक असिस्टेंट डायरेक्टर मलेरिया