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सावधान! कोरोना संक्रमण को दे चुके मात तो इन बातों का रखें ख्याल, खतरा बने रहने का डर है
Fri, 10 Apr 2020 04:04 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 04:04 PM IST
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कोरोना महामारी के बीच चंडीगढ़ में सात मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना को मात दे चुके इन मरीजों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि मरीज के ठीक होकर घर लौटने के बाद भी उस पर दोबारा वायरस की चपेट में आने का खतरा बरकरार रहता है।
ऐसे में जरूरी है कि घर जाते वक्त डॉक्टर की सलाह को गंभीरता से लिया जाए और उसका शत प्रतिशत पालन किया जाए। इस संबंध में सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के लिए ठीक होकर घर लौटने के बाद भी 14 दिनों तक खतरा बरकरार रहता है, इसलिए उसे 14 दिनों तक आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है ताकि वह अपने घर के सदस्यों के संपर्क में न आए।
ऐसे मरीजों को खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों से दूर रहना चाहिए क्योंकि इनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में ठीक होकर घर लौट रहे मरीजों को अलग कमरे में रहने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा उन्हें खाने में हाई प्रोटीन डाइट और विटामिन सी वाले आहार लेने की सलाह दी जा रही है। जिससे वो संक्रमण से दूर रहें।
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ऐसे में जरूरी है कि घर जाते वक्त डॉक्टर की सलाह को गंभीरता से लिया जाए और उसका शत प्रतिशत पालन किया जाए। इस संबंध में सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के लिए ठीक होकर घर लौटने के बाद भी 14 दिनों तक खतरा बरकरार रहता है, इसलिए उसे 14 दिनों तक आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है ताकि वह अपने घर के सदस्यों के संपर्क में न आए।
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ऐसे मरीजों को खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों से दूर रहना चाहिए क्योंकि इनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में ठीक होकर घर लौट रहे मरीजों को अलग कमरे में रहने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा उन्हें खाने में हाई प्रोटीन डाइट और विटामिन सी वाले आहार लेने की सलाह दी जा रही है। जिससे वो संक्रमण से दूर रहें।
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विटामिन सी वाले आहार के फायदे
- इनमें भरपूर एंटी ऑक्सीडेंट होता है
-दिमाग को तेज बनाने में मदद मिलती है
- बीमारियों से लड़ने में सहायक
- त्वचा के लिए लाभदायक
- स्कर्वी बीमारी से बचाव
- डिटॉक्सीफिकेशन में मदद
विटामिन सी के स्रोत
खट्टे फलों के अलावा गोभी, ब्रोंकली, पालक और अन्य हरी सब्जियां, टमाटर, पपीता में विटामिन सी पाया जाता है।
प्रोटीन के स्रोत
प्रोटीन के शाकाहारी स्रोतों में चना, मटर, मूंग, मसूर, उड़द, सोयाबीन, राजमा, लोबिया, गेहूं, मक्का प्रमुख हैं। वहीं, मांसाहारी स्रोतों में चिकन, मछली, अंडा, दूध एवं यकृत प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में सोयाबीन में सबसे अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। बॉडी में इसकी सबसे अधिक उपयोगिता मांसपेशियों के विकास में होती है। यही नहीं, प्रोटीन रिकवरी की दर भी बढ़ाता है। प्रोटीन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
-दिमाग को तेज बनाने में मदद मिलती है
- बीमारियों से लड़ने में सहायक
- त्वचा के लिए लाभदायक
- स्कर्वी बीमारी से बचाव
- डिटॉक्सीफिकेशन में मदद
विटामिन सी के स्रोत
खट्टे फलों के अलावा गोभी, ब्रोंकली, पालक और अन्य हरी सब्जियां, टमाटर, पपीता में विटामिन सी पाया जाता है।
प्रोटीन के स्रोत
प्रोटीन के शाकाहारी स्रोतों में चना, मटर, मूंग, मसूर, उड़द, सोयाबीन, राजमा, लोबिया, गेहूं, मक्का प्रमुख हैं। वहीं, मांसाहारी स्रोतों में चिकन, मछली, अंडा, दूध एवं यकृत प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में सोयाबीन में सबसे अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। बॉडी में इसकी सबसे अधिक उपयोगिता मांसपेशियों के विकास में होती है। यही नहीं, प्रोटीन रिकवरी की दर भी बढ़ाता है। प्रोटीन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।