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Haryana: एचकेआरएन के जरिये जिले से बाहर नहीं मिलेगी नौकरी, सदन में मुख्यमंत्री ने दिया जवाब
Wed, 21 Feb 2024 11:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 21 Feb 2024 11:36 PM IST
सार
सदन में मुख्यमंत्री ने विधायक नीरज शर्मा और जजपा विधायक के उठाए सवालों पर सीएम ने जवाब दिया। ब्लॉक में नौकरी के 10 अंक मिलेंगे। नजदीक के ब्लॉक में पांच अंक दिए जाएंगे। अब चयन का संदेश मिलने के बाद नियुक्ति नहीं रुकेगी।
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हरियाणा विधानसभा के बजट सेशन के दूसरे दिन सदन में सम्बोधित करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एलान किया कि भविष्य में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत दी जाने वाली नौकरियां जिलों से बाहर नहीं दी जाएंगी, बल्कि जिस जिले के अभ्यर्थी होंगे, उनकी नियुक्ति उसी जिले में होगी। इसके लिए सरकार ने पाॉलिसी में संशोधन किया है।
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इसके अलावा, अब किसी भी अभ्यर्थी को चयन का संदेश आने के बाद उसकी नियुक्ति नहीं अटकेगी। सरकार ने फैसला लिया है कि एक बार संदेश जाने के बाद उसे हर हाल में उसी विभाग में नियुक्ति दी जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि विभाग एचकेआरएन को जितनी मांग भेजेंगे तो उसे पूरी नियुक्ति भी देंगे।
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इसके बाद वह पद खाली नहीं है आदि का बहाना नहीं बना सकेंगे। मुख्यमंत्री सदन में विधायक नीरज शर्मा और जजपा विधायक द्वारा एचकेआरएन पर उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे। मनोहर लाल ने कहा कि सरकार के संज्ञान में ये दोनों मामले आए हैं और इसलिए इसमें बदलाव किया है। अगर कोई विपक्षी साथी और भी सुझाव देगा तो उसे लागू किया जाएगा।
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एचकेआरएन के जरिये प्रदेश में एक लाख 26 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं। इनमें से 1.8 लाख हजार को पहले से ठेके पर तैनात कर्मचारियों को समायोजित किया है, जबकि शेष 18 हजार नई भर्तियां की हैं।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ठेके पर पहले लगे कर्मचारियों के बारे में वह नहीं कह सकते है, लेकिन अब जो भी भर्तियां हो रही हैं, वह पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट के साथ अंत्योदय मिशन के तहत हो रही हैं। सीएम ने कहा कि पहले ठेकेदारी प्रथा के जरिये भर्तियों में धांधली होती थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एचकेआरएन के जरिये आउटसोर्सिंग की अस्थायी नौकरी है।
अब ऐसे मिलेंगे अंक
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचकेआरएन में युवाओं को संबंधित ब्लॉक में 10 अंक दिए जाएंगे और साथ लगते ब्लाॅक में 5 अंक मिलेंगे और जिले से बाहर किसी को नौकरी नहीं दी जाएगी। एचकेआरएन के 150 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें पहले 90 अंक आय के दिए जाते थे, लेकिन अब उसे कम करके 50 अंक किया जाता है, इसके अतिरिक्त शिक्षा, अनुभव व सीईटी सहित अन्य श्रेणियों को शामिल किया गया है।
सहानुभूति के तौर पर सीएस के माध्यम से दी जाती हैं नौकरी
उन्होंने कहा कि एचकेआरएन में पूरी व्यवस्था पारदर्शी और कंप्यूटराइज है। केवल मुख्य सचिव कोटे में कुछ नौकरियों का प्रावधान किया गया है, जैसे कि किसी हादसे या फिर अन्य प्रकार के समझौते के आधार पर एचकेआरएन के जरिये नौकरी दी जाती है। हालांकि एक्सग्रेसिया के जरिये सीधी पक्की नौकरी का प्रावधान है। वहीं मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा बीसी व एससी वर्ग को आरक्षण देने पर स्पष्ट किया कि सीधे आरक्षण देने का प्रावधान नहीं है, लेकिन आवेदनकर्ताओं के हिसाब से बीसी को 30 और एससी को 20 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है।
सरकार खुद बन गई ठेकेदार : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा एचकेआरएन में एक्ससर्विस मैन और पिछड़ा व एससी वर्ग को आरक्षण नहीं है। पहले ठेकेदार ठेकेदारी करते थे, लेकिन अब तो सरकार ही ठेकेदार बन गई। हुड्डा ने आरोप लगाया कि इसमें फर्जीवाड़ा हो रहा है। वहीं, कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने मुद्दा उठाया कि सिलेक्शन के बाद ज्वाइनिंग नहीं हो रही है। इसी प्रकार, बीबी बतरा ने कहा कि आरक्षण को लेकर सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई।